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अब 14 सितंबर का इंतजार,  नगरीय निकाय के नतीजे तय करेंगे भाजपा-कांग्रेस समेत कई दलों की सियासी दिशा

Bansal
6 hours ago
अब 14 सितंबर का इंतजार,  नगरीय निकाय के नतीजे तय करेंगे भाजपा-कांग्रेस समेत कई दलों की सियासी दिशा

अब 14 सितंबर का इंतजार,  नगरीय निकाय के नतीजे तय करेंगे भाजपा-कांग्रेस समेत कई दलों की सियासी दिशा
बीकानेर। प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के चुनाव पूरे होने के साथ अब मुकाबला वोट से नतीजों और नतीजों से सियासी संदेश तक पहुंच गया है। यह चुनाव सिर्फ बोर्ड बनाने की लड़ाई नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के पौने तीन साल के कामकाज की शहरी क्षेत्रों में स्वीकार्यता और कांग्रेस की विपक्ष के रूप में पकड़ का बड़ा परीक्षण है। 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद नगर का नगर परिषद नतीजे यह संकेत देंगे कि 2028 की विधानसभा के लिए शहरी वोट बैंक किस दिशा में जा रहा है। इनमें बीकानेर में भी निगम और खाजूवाला, लूणकरणसर, देखनोक, नोखा, श्रीडूंगरगढ़ और नापासर के नतीजे भी आगे का भविष्य तय करेंगे। इन नतीजों के आधार पर ही दोनों ही पार्टियों के नेता अपनी जमीन तलाश में भी जुटे हुए है। 

भाजपा ने चुनाव को स्थानीय मुद्दों तक सीमित रखने के बजाय सरकार की उपलब्धियों की सक्रियता के सहारे व्यापक राजनीतिक मुकाबले में बदला। कमजोर प्रदर्शन रहा तो स्थानीय असंतोष की बहस को कम करने के लिए राजस्थान सरकार को और मजबूती के साथ काम करना होगा। कांग्रेस के लिए यह चुनाव केवल भाजपा को रोकने का नहीं, बल्कि यह साबित करने का मौका है कि वह शहरी क्षेत्रों में फिर से राजनीतिक जमीन बना रही है।  कुछ निकायों में मामूली वोट अंतर से बोर्ड का गणित बदल सकता है।

BC

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