Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

राजस्थान में अब जमीन के बदले नहीं मिलेगा नकद मुआवजा जानें क्या है भजनलाल सरकार की नई प्लानिंग?

rk
6 hours ago
राजस्थान में अब जमीन के बदले नहीं मिलेगा नकद मुआवजा जानें क्या है भजनलाल सरकार की नई प्लानिंग?

 

राजस्थान में अब जमीन के बदले नहीं मिलेगा नकद मुआवजा जानें क्या है भजनलाल सरकार की नई प्लानिंग? 
जयपुर।  राजस्थान में मास्टर प्लान के तहत बनने वाली नई सडक़ों, पार्कों, ग्रीन एरिया और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक यूटिलिटी प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भजनलाल सरकार एक क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। नगरीय विकास विभाग प्रदेश में एक नई और व्यावहारिक 'ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स' यानी टीडीआर  पॉलिसी तैयार करने के फाइनल प्लान पर काम कर रहा है। इस नई नीति के लागू होने के बाद, यदि किसी स्थानीय खातेदार या जमीन मालिक की भूमि किसी सरकारी सडक़ के चौड़ीकरण या पार्क के प्रोजेक्ट के दायरे में आती है, तो सरकार उसे नकद मुआवजा देने के बजाय डवलपमेंट राइट्सका एक डिजिटल सर्टिफिकेट  सौंपेगी। दावा किया जा रहा है कि इस नीतिगत बदलाव से न केवल राजस्थान सरकार के खजाने पर अचानक आने वाला भारी-भरकम वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि वर्षों से जमीन विवाद और मुआवजे के चक्कर में अटकने वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी गति मिल सकेगी।
क्या है टीडीआर सर्टिफिकेट और यह कैसे काम करता है?
आमतौर पर जब भी सरकार को किसी नए प्रोजेक्ट या रिंग रोड के लिए जमीन की आवश्यकता होती है, तो वह लैंड पूलिंग या भूमि अधिग्रहण के जरिए जमीन लेती है, जिसके बदले में नियमानुसार नकद मुआवजा तय किया जाता है। कई बार बजट की कमी या मुआवजे की रकम को लेकर कोर्ट-कचहरी के चक्कर में जमीन नहीं मिल पाती और पूरा प्रोजेक्ट ठप हो जाता है।
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव से पहले च्आरक्षणज् होगा तय, ह्रक्चष्ट आयोग का सर्वे आज से शुरू, घर-घर जुटाए जा रहे च्डिजिटल डेटाज्
इसी डेडलॉक को तोडऩे के लिए टीडीआर व्यवस्था अपनाई जा रही है। इसमें जमीन के वास्तविक मूल्य के बराबर जमीन मालिक को 'विकास अधिकार' (ष्ठद्ग1द्गद्यशश्चद्वद्गठ्ठह्ल क्रद्बद्दद्धह्लह्य) दे दिए जाते हैं। यानी आपको अपनी जमीन के बदले कागजी तौर पर एक ऐसा अधिकार पत्र मिलेगा, जिसकी अपनी एक मजबूत मार्केट वैल्यू होगी और जिसका उपयोग आप एक सुरक्षित वित्तीय एसेट की तरह कर सकेंगे।

इसे ऐसे समझिए
इस नई नीति के फायदों को एक बहुत ही सरल उदाहरण के माध्यम से समझा जा सकता है। मान लीजिए कि सडक़ चौड़ीकरण के दौरान आपकी कीमती जमीन का कुछ हिस्सा सरकार के पास चला जाता है और उसके बदले में नियमों के अनुसार आपको 20,000 वर्गफीट का टीडीआर सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। अब आपके पास इस सर्टिफिकेट के इस्तेमाल के दो सबसे बेहतरीन और मुनाफे वाले विकल्प मौजूद होंगे-

स्वयं के प्रोजेक्ट में अतिरिक्त निर्माण : यदि आप भविष्य में अपनी किसी दूसरी जमीन पर कोई कमर्शियल बिल्डिंग, अपार्टमेंट या मकान बनाते हैं, तो आप इस सर्टिफिकेट का उपयोग कर निर्धारित सीमा से अधिक का अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र मुफ्त में हासिल कर सकते हैं।

Basic School
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: