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बीकानेर: भाजपा-कांग्रेस के लिए ये बनेंगे बड़ी चुनौती, युवा कार्ड ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

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1 month ago
बीकानेर: भाजपा-कांग्रेस के लिए ये बनेंगे बड़ी चुनौती, युवा कार्ड ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

बीकानेर: भाजपा-कांग्रेस के लिए ये बनेंगे बड़ी चुनौती, युवा कार्ड ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

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बीकानेर। नगरीय निकाय चुनाव इस बार सिर्फ भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला नहीं रहने वाला, बल्कि टिकट की होड़ और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के चलते कई वार्डों में बहुकोणीय संघर्ष के आसार है। युवाओं को टिकट देने की राजनीतिक दलों की कवायद ने दावेदारों की संख्या बढ़ा दी है। टिकट नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में बागी और निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं। पिछले चुनाव में औसतन एक वार्ड में चार से कम उम्मीदवार थे, जबकि इस बार यह संख्या पांच तक पहुंचने का अनुमान है।

राजस्थान में निकायों की संख्या 196 से बढ़कर 309 और वार्ड 7,500 से बढ़कर 10,245 होने से चुनावी मैदान भी करीब डेढ़ गुना बड़ा हो गया है। पिछले निकाय चुनाव में 9,972 महिलाएं मैदान में उतरी थीं। इस बार महिलाओं को भी अधिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिश हो रही है। ऐसे में महिलाओं की संख्या पिछली बार के मुकाबले बढ़ने की संभावना है। आरक्षित वार्डों के साथ सामान्य वार्डों में भी महिलाएं टिकट के लिए सक्रिय है। बीकानेर के 80 वार्डों में भी अब टिकट पर नजर है। दोनों पार्टियों के  उम्मीदवारों के बाद ही आगे की  स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कुछ दिन पहले भी तीसरे गुट को लेकर एक बैठक आयोजित हो चुकी है। 

भाजपा और कांग्रेस समेत राजनीतिक दल युवाओं को चुनावी मैदान में उतारने पर जोर दे रहे हैं। इससे पहली बार चुनाव लड़ने वाले युवा दावेदार बड़ी संख्या में टिकट मांग रहे हैं। टिकट वितरण के बाद जिन दावेदारों की उम्मीद टूटेगी, उनमें से कई निर्दलीय या बागी उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। यही वजह है कि इस बार एक-एक वार्ड में मुकाबला पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा दिलचस्प रहने की संभावना है।

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