उप जिला अस्पताल में आधी रात रहस्यमयी हादसा, बंद पड़े जनरेटर में लगी आग, प्रसूति वार्ड खाली कर टला बड़ा हादसा
उप जिला अस्पताल में आधी रात रहस्यमयी हादसा, बंद पड़े जनरेटर में लगी आग, प्रसूति वार्ड खाली कर टला बड़ा हादसा
खुलासा न्यूज, नापासर। नापासर उप जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात करीब 2:15 बजे जनरेटर हाउस में रखे बंद पड़े जनरेटर में अचानक आग लग गई। जनरेटर के समीप ही प्रसूति वार्ड होने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। धुआं उठता देख प्रसूता महिलाओं ने अस्पताल कार्मिकों को सूचना दी, जिसके बाद सभी महिलाओं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया।
अस्पताल प्रभारी डॉ. दीपक मीणा की सूझबूझ, नेतृत्व और अस्पताल स्टाफ की बहादुरी से बड़ा हादसा टल गया। आग लगते ही डॉ. मीणा स्वयं मौके पर पहुंच गए और पूरी कार्रवाई की कमान संभालते हुए स्टाफ का लगातार हौसला बढ़ाते रहे। उन्होंने सबसे पहले प्रसूति वार्ड में भर्ती महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराया। डॉ. मीणा ने बताया कि आग का कोई भरोसा नहीं होता, वह कभी भी तेजी से फैल सकती है। इसी आशंका को देखते हुए मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
इसके बाद वार्ड बॉय नवीन बगैरिया ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने की मुहिम शुरू की। नवीन बगैरिया के साथ मनोज सोनी, संतोष, अरुण और पंकज ने पानी, पाइप और अग्निशमन सिलेंडरों की मदद से करीब एक घंटे तक लगातार प्रयास किए। डॉ. दीपक मीणा भी पूरे समय मौके पर मौजूद रहकर कार्मिकों का उत्साहवर्धन करते रहे। उनकी टीमवर्क और सूझबूझ के चलते दमकल के पहुंचने से पहले ही आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, जिससे आग अस्पताल के अन्य हिस्सों में फैलने से रुक गई और बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही डॉ. दीपक मीणा ने सबसे पहले नापासर पुलिस थाने फ़ोन किया तो थाने के ड्यूटी ऑफिसर लिखम दास मोके पर पहुंचे,इसके बाद पुलिस की सूचना पर दमकल को रवाना किया गया। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और शेष आग को पूरी तरह बुझाकर स्थिति को सुरक्षित किया।
डॉ. दीपक मीणा ने बताया कि सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस जनरेटर में आग लगी, वह उस समय बंद था। शुक्रवार शाम बारिश भी हुई थी और मौसम भी ठंडा था। इसके बावजूद आधी रात को आग कैसे लगी, यह जांच का विषय है। आग की चपेट में जनरेटर के ऊपर लगा सीसीटीवी कैमरा, जनरेटर तथा आसपास बिछी विद्युत केबलें भी जलकर नष्ट हो गईं।
घटना की जानकारी डॉ. दीपक मीणा ने तत्काल उच्च अधिकारियों को भी दे दी है। अस्पताल प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए अस्पताल परिसर के अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है तथा आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अस्पताल स्टाफ की त्वरित कार्रवाई और साहस के कारण प्रसूति वार्ड में भर्ती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित रही तथा एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
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