Khulasa Online
Breaking
• ईरान की नौसेना का बड़ा दावा : अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोत अब्राहम लिंकन को बनाया निशाना, दागी मिसाइलें • पश्चिम एशिया पर सर्वदलीय बैठक खत्म : सरकार को मिला विपक्ष का साथ, रिजिजू बोले- तेल की कोई कमी नहीं, हालात स्थिर • गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों पर सरकार की सफाई, कोई नया बदलाव नहीं, पढ़े खबर • इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का अंतिम संस्कार, अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • ईरान की नौसेना का बड़ा दावा : अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोत अब्राहम लिंकन को बनाया निशाना, दागी मिसाइलें • पश्चिम एशिया पर सर्वदलीय बैठक खत्म : सरकार को मिला विपक्ष का साथ, रिजिजू बोले- तेल की कोई कमी नहीं, हालात स्थिर • गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों पर सरकार की सफाई, कोई नया बदलाव नहीं, पढ़े खबर • इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का अंतिम संस्कार, अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group

राजस्थानी साहित्य और संस्कृति के विकास में विधायक जेठानंद व्यास के प्रयास लाए रंग : डूंगर कॉलेज के राजस्थानी के तीन रिक्त पदों पर हुई सहायक आचार्यों की नियुक्ति

1 month ago
राजस्थानी साहित्य और संस्कृति के विकास में विधायक जेठानंद व्यास के प्रयास लाए रंग : डूंगर कॉलेज के राजस्थानी के तीन रिक्त पदों पर हुई सहायक आचार्यों की नियुक्ति

राजस्थानी साहित्य और संस्कृति के विकास में विधायक जेठानंद व्यास के प्रयास लाए रंग : डूंगर कॉलेज के राजस्थानी के तीन रिक्त पदों पर हुई सहायक आचार्यों की नियुक्ति
पिछले लंबे समय से रिक्त चल रहे थे तीनों पद
बीकानेर। बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास के प्रयासों से राजकीय डूंगर महाविद्यालय में राजस्थानी साहित्य विभाग के तीन रिक्त पदों पर सहायक आचार्यों की नियुक्ति हुई है। इसके लिए कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय द्वारा आदेश जारी किए हैं। विधायक व्यास ने बताया कि राजकीय डूंगर महाविद्यालय के राजस्थानी विषय में विगत पांच वर्ष से स्वीकृत तीन पद रिक्त चल रहे थे। जबकि इस समय  विभाग की यूजी और पीजी कक्षाओं में पांच सौ से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जो राजस्थान में सर्वाधिक हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्थान लोकसेवा आयोग ने नए सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की। इनमें राजस्थानी विषय में कुल छह अभ्यर्थियों का चयन पदस्थापन हेतु चयन हुआ। विधायक के संज्ञान में जैसे ही यह जानकारी आई, उन्होंने उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा को इसके लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमारी मातृभाषा और संस्कृति हमारी धडक़न है। इसके मद्देनजर इस विषय और संस्कृति के कार्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध दिया। बुधवार को जब सूची जारी हुई तो विधायक के प्रयास रंग लाए और तीन सहायक आचार्यों की नियुक्त हुई। उन्होंने बताया कि राजकीय डूंगर कॉलेज की पिछले पांच वर्षों से लंबित मांग तो पूरी हुई है। अब विद्यार्थी यहां राजस्थानी विषय पढ़ सकेंगे, जो राजस्थानी साहित्य एवं संस्कृति को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। राजस्थानी के समर्थकों और साहित्यकारों सहित विभिन्न संगठनों ने इसके लिए विधायक का आभार जताया है और उनके इस कार्य को राजस्थानी के विकास  में मील का पत्थर बताया है।

 

 

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: