Khulasa Online
TM Jewellers
BANSAL 2
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
KHAOSA

बीकानेर के सैन्य बालिका की बड़ी लापरवाही सात साल की बच्ची को दे दिया कक्षा 6 में एडमिशन

Bansal
6 hours ago
बीकानेर के सैन्य बालिका की बड़ी लापरवाही सात साल की बच्ची को दे दिया कक्षा 6 में एडमिशन


बीकानेर के सैन्य बालिका की बड़ी लापरवाही सात साल की बच्ची को दे दिया कक्षा 6 में एडमिशन
बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सैन्य उपकरणों का प्रशिक्षण और शारीरिक दक्षता के माध्यम से सशक्त बनाने के दावे के साथ शुरू किए गए बालिका सैनिक स्कूल में निर्धारित मानकों के अनुसार प्रवेश की बुनियाद ही कमजोर नजर आ रही है। संसाधनों की कमी के चलते बीकानेर के सैनिक स्कूल को सीकर शिफ्ट करने के प्रयासों के बीच बीकानेर के जयमलसर स्थित स्कूल में निर्धारित आयु सीमा से कम और अधिक उम्र की बालिकाओं को दाखिला दिया गया है। यह सरकार के प्रवेश मानकों पर सवाल खड़े करता है। ऐसे में सवाल सिर्फ कुछ बालिकाओं के दाखिले का नहीं, बल्कि पूरी प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता का है।
दस वर्ष से छोटी तीन, 11 वर्ष से बड़ी 14 बालिकाएं
बीकानेर के जयमलसर स्थित बालिका सैनिक स्कूल में वर्तमान में 68 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। सभी बालिकाओं का प्रवेश कक्षा छह के लिए हुआ है। नियमानुसार, कक्षा छह में प्रवेश के लिए बालिका की आयु 10 से 11 वर्ष तक हो सकती है। लेकिन जयमलसर में सात वर्ष तीन माह की बालिका को भी प्रवेश दे दिया गया। यहां 10 वर्ष से छोटी तीन और 11 वर्ष से बड़ी 14 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। जबकि सैनिक स्कूलों में आयु संबंधी पात्रता का विशेष महत्व होता है।
परीक्षा से लेकर दस्तावेजों की जांच तक पर सवाल
सैनिक स्कूल राज्य सरकार की प्रमुख बजट घोषणाओं में शामिल है। प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग ने परीक्षा का आयोजन किया। ऐसे में जाहिर है कि प्रवेश के लिए आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच तक में गफलत हुई है। हालांकि, प्रवेश के लिए जारी कार्ययोजना में विशेष मामले में कार्यकारी समिति की ओर से अधिकतम एक वर्ष की छूट देने का प्रावधान है। प्रवेश के लिए किसी भी बालिका को दूसरी बार परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।
सैनिक स्कूल में बालिकाओं का प्रवेश तय प्रक्रिया के तहत हुआ है। बालिकाओं की उम्र संबंधी जांच हमने नहीं की है। कक्षा छह में प्रवेश के लिए तय उम्र 10 से 11 वर्ष है। कितनी बालिकाएं तय उम्र से छोटी और बड़ी हैं, इसकी जानकारी नहीं है।ज्ज्
-अनिल कुमार शर्मा, प्राचार्य, बालिका सैनिक स्कूल, जयमलसर

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: