पीबीएम में महिलाओं की किडनी फैल का मामला; पूर्व सीएम गहलोत ने उठाए सवाल, कहा- स्वास्थ्य महकमा वेंटिलेटर पर, पढ़ें खबर
खुलासा न्यूज,बीकानेर। बीते दिनों बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में छह महिलाओं की तबीयत खराब हो गयी और किडनी फेल हो गयी। जिसके बाद हंगामा और बवाल बचा तो आनन फानन में उन्हें अच्छे इलाज की बात कही गयी लेकिन इस पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बड़ी बात कहीं है ।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स पर लंबी चौड़ी पोस्ट करते हुए कोटा, बीकानेर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सरकार पर भी करारा हमला किया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा खुद वेंटिलेटर पर आ चुका है और इस महकमे ने गरीबों की जिंदगी को खिलौना बना दिया है।
गहलोत ने एक्स पर लिखा- कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में पांच प्रसूताओं की मौत की जांच रिपोर्ट में सीधे तौर पर इलाज में लापरवाही सामने आना बेहद संगीन, विचलित करने वाला और अक्षम्य है। ये सामान्य मौतें नहीं, बल्कि व्यवस्था की घोर संवेदनहीनता के कारण हुई संस्थागत हत्याएं हैं। एम्स की टीम द्वारा ऑपरेशन थिएटर में इन्फेक्शन की आशंका जताया जाना अस्पताल प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ाता है।
गहलोत ने आगे लिखा- हद तो यह है कि इस जानलेवा लापरवाही के बाद भी वहां पांच महिलाएं जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं और किडनी फेल होने जैसी गंभीर स्थिति में हैं, जिनका अभी डायलिसिस के जरिए इलाज चल रहा है। उनके लाचार परिजनों ने मुझसे मिलकर अपना दर्द बयां किया। उन्हें यह भरोसा ही नहीं है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सरकार आगे उनका इलाज करवाएगी भी या नहीं।
सरकार को तुरंत यह घोषणा करनी चाहिए कि यदि इन पीडि़त महिलाओं की किडनी पूरी तरह खराब (डैमेज) होती है, तो उनके किडनी ट्रांसप्लांट और भविष्य के पूरे इलाज का शत-प्रतिशत खर्च उठाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
गहलोत ने आगे लिखा- राज्य सरकार को अब अपनी कुंभकर्णी नींद से जागना होगा। कोटा और बीकानेर की इन दर्दनाक घटनाओं को महज हादसा मानकर रफा-दफा करने की कोशिश कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कल कोटा दौरे के दौरान जब मैंने इन पीडि़त और अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं से मुलाकात की, तो मेरा दिल दहल उठा। ये सभी अत्यंत गरीब परिवारों की बेबस महिलाएं हैं, जो सरकारी तंत्र के भरोसे अस्पताल आई थीं।
मेरी मुख्यमंत्री से सीधी और दोटूक मांग है कि इस अक्षम्य लापरवाही के लिए जिम्मेदार बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों को तत्काल सस्पेंड कर उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।
साथ ही, पीडि़त परिवारों को तुरंत मुआवजा राशि दी जाए। सरकार को यह स्वीकार करना ही होगा कि यह पूरी तरह से आपकी सरकार और सिस्टम की घोर विफलता है, जिसकी कीमत निर्दोष महिलाओं को अपनी जान देकर और अपनी किडनियां गंवाकर चुकानी पड़ रही है। पुरी पोस्ट को पूर्व सीएम ने वर्तमान सीएम को मेंशन भी किया है। पूर्व सीएम गहलोत के बयान के बाद बीकाने में भी हलचल तेज हो गयी है। बता दे कि बीकानेर के पीबीएम में कांग्रेस लगातार आंदोलन की राह पर है और व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं।
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