पिता ने अपने ही बेटे को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, कोई ने सुनाई उम्रकैद
पिता ने अपने ही बेटे को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, कोई ने सुनाई उम्रकैद
बीकानेर। कोलायत क्षेत्र के सियाणा भाटियाणा गांव में अपने ही सात साल के बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाले पिता मूलाराम को न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना 15 जून 2021 की दोपहर करीब 2:30 बजे की है। आरोपी मूलाराम ने अपने सात वर्षीय बेटे मोहनराम को घर के पास बने पानी के टांके में फेंक दिया और ऊपर से भारी पत्थर डाल दिया। टांके में करीब सात फीट पानी भरा हुआ था। घटना के बाद परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन सभी गवाहों ने घटना के तुरंत बाद आरोपी की मौजूदगी और उसके खुद द्वारा किए गए कबूलनामे की पुष्टि की। आरोपी ने कई लोगों के सामने कहा था कि मैंने अपने बेटे को मार दिया, रोने की जरूरत नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच में सामने आया कि बच्चे की मौत डूबने से हुई। शरीर में पाए गए पानी के सूक्ष्म कण टांके के पानी से मेल खाते थे, जिससे यह साबित हुआ कि मौत पानी में डूबने से ही हुई। घटनास्थल से करीब 20 किलो वजनी पत्थर बरामद किया गया, जिसे आरोपी ने ही फेंकने की बात कही थी। यह भी साक्ष्यों की कड़ी को मजबूत करता है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी का कृत्य बेहद जघन्य है। एक पिता, जो अपने बच्चे का रक्षक होता है, वही उसकी हत्या कर दे यह समाज और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। कोर्ट ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास और 20,000 रुपए जुर्माने से दंडित किया और कहा कि जुर्माना नहीं दिया तो एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। राज्य की ओर से पैरवी पीपी रघुवीर सिंह राठौड़ ने की।
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