Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

पिता ने अपने ही बेटे को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, कोई ने सुनाई उम्रकैद

rk
2 months ago
पिता ने अपने ही बेटे को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, कोई ने सुनाई उम्रकैद


पिता ने अपने ही बेटे को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, कोई ने सुनाई उम्रकैद
बीकानेर। कोलायत क्षेत्र के सियाणा भाटियाणा गांव में अपने ही सात साल के बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाले पिता मूलाराम को न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना 15 जून 2021 की दोपहर करीब 2:30 बजे की है। आरोपी मूलाराम ने अपने सात वर्षीय बेटे मोहनराम को घर के पास बने पानी के टांके में फेंक दिया और ऊपर से भारी पत्थर डाल दिया। टांके में करीब सात फीट पानी भरा हुआ था। घटना के बाद परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन सभी गवाहों ने घटना के तुरंत बाद आरोपी की मौजूदगी और उसके खुद द्वारा किए गए कबूलनामे की पुष्टि की। आरोपी ने कई लोगों के सामने कहा था कि मैंने अपने बेटे को मार दिया, रोने की जरूरत नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच में सामने आया कि बच्चे की मौत डूबने से हुई। शरीर में पाए गए पानी के सूक्ष्म कण टांके के पानी से मेल खाते थे, जिससे यह साबित हुआ कि मौत पानी में डूबने से ही हुई। घटनास्थल से करीब 20 किलो वजनी पत्थर बरामद किया गया, जिसे आरोपी ने ही फेंकने की बात कही थी। यह भी साक्ष्यों की कड़ी को मजबूत करता है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी का कृत्य बेहद जघन्य है। एक पिता, जो अपने बच्चे का रक्षक होता है, वही उसकी हत्या कर दे यह समाज और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। कोर्ट ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास और 20,000 रुपए जुर्माने से दंडित किया और कहा कि जुर्माना नहीं दिया तो एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। राज्य की ओर से पैरवी पीपी रघुवीर सिंह राठौड़ ने की।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: