Khulasa Online
TM Jewellers
Suhag
BANSAL 2
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
KHAOSA

एक फोन कॉल ने बीडीए को झूठा साबित कर डाला, रिश्वत की राशि को लेकर एसीबी ने पकड़ा

Bansal
6 hours ago
एक फोन कॉल ने बीडीए को झूठा साबित कर डाला, रिश्वत की राशि को लेकर एसीबी ने पकड़ा


एक फोन कॉल ने बीडीए को झूठा साबित कर डाला, रिश्वत की राशि को लेकर एसीबी ने पकड़ा 
बीकानेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से पकड़े गए लोहावट (फलोदी) के विकास अधिकारी नारायण सुथार की बनाई झूठी कहानी एसीबी अधिकारियों की चंद मिनटों की पड़ताल में ही फेल हो गई। कार की सीट के नीचे मिले 8 लाख 14 हजार रुपयों को रिश्वत मानने से इनकार करते हुए बीडीओ ने दावा किया था कि यह रकम उनके मित्र संजय सोनी की है, जो उनके जीजा पुखराज को देने के लिए रखी गई थी। मगर एसीबी ने जब मौके से ही फोन लगाकर तस्दीक की, तो जीजा पुखराज सोनी के एक बयान ने बीडीओ और उनके मित्र की झूठी कहानी की पोल खोल दी।एसीबी की स्पेशल यूनिट के एएसपी आशीष कुमार को 25 सितंबर को गोपनीय इनपुट मिला था कि फलोदी में लोहावट बीडीओ संदिग्ध रिश्वत राशि लेकर अपनी कार से भारतमाला सडक़ मार्ग होते हुए बीकानेर आ रहे हैं। एसीबी टीम ने भीनासर नाके पर नाकाबंदी कर गाड़ी को रोका। तलाशी के दौरान ड्राइवर के पास वाली सीट के नीचे एक थैले से 500-500 रुपये के नोटों की 17 गड्डियों में कुल 8 लाख 14 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में बीडीओ नारायण सुथार ने दावा किया कि यह रिश्वत की राशि नहीं है। उन्होंने कहानी बनाई कि लोहावट में उनके मित्र संजय सोनी (जो सुनार का काम करते हैं) आए थे और कहा कि बीकानेर में उनके बहनोई पुखराज सोनी को रुपए देने हैं।सुथार के मुताबिक, संजय सोनी ने ही गाड़ी की चाबी लेकर रुपयों का थैला सीट के नीचे रख दिया था और उन्हें कुल रकम की जानकारी भी नहीं थी। बीडीओ की इस दलील को क्रॉस-वेरिफाई करने के लिए एसीबी के अधिकारियों ने मौके पर ही संजय सोनी को फोन लगाया। फोन पर संजय सोनी ने बीडीओ के कहे अनुसार हां में हां मिलाते हुए कहा कि उसने अपने जीजा पुखराज सोनी को देने के लिए सवा आठ लाख रुपये नारायण सुथार को दिए थे। इसके बाद एसीबी अधिकारी ने संजय सोनी से उसके जीजा पुखराज सोनी का नंबर लिया और सीधे पुखराज से संपर्क साधा। फोन पर जब पुखराज से पूछा गया कि क्या संजय सोनी की तरफ से बीडीओ नारायण सुथार के हाथ कोई रकम भेजी जा रही है, तो पुखराज ने स्पष्ट बताया कि संजय सोनी की ओर से भेजी गई रकम तो उसे पहले ही मिल चुकी है।जब पुखराज से पूछा गया कि पैसे किसके मार्फत आने थे, तो उसने बीडीओ के नाम से पूरी तरह अनभिज्ञता जता दी। पुखराज ने कहा कि उसे संजय के किसी परिचित व्यक्ति के जरिए रकम पहले ही डिलीवर हो चुकी है और वह उस व्यक्ति को नहीं जानता। पुखराज के इस बयान से स्थिति साफ हो गई कि बीडीओ और संजय सोनी एसीबी से बचने के लिए मनगढ़ंत कहानी बना रहे थे। अवैध संपत्ति की एफआईआर दर्ज, बीडीओ और कनिष्ठ सहायक को किया नामजद एसीबी के जयपुर मुख्यालय ने अवैध संपत्ति के मामले की एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि संजय सोनी पंचायत समिति लोहावट में कनिष्ठ सहायक के पद पर भी कार्यरत है। वैध स्रोत का संतोषप्रद जवाब न मिलने पर एसीबी ने बीडीओ नारायण सुथार और कनिष्ठ सहायक संजय सोनी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं बीएनएस की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसीबी की बीकानेर चौकी के एएसपी विनोद कुमार अब आगे मामले की विस्तृत जांच करेंगे।भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट, 1988 संशोधित) . धारा 7(बी) / 7(1)(बी) लोक कर्तव्य के अनुचित निष्पादन के बदले अनुचित लाभ प्राप्त करना: यदि कोई लोक सेवक अपने किसी शासकीय कर्तव्य को बेईमानी या अनुचित तरीके से करने, या न करने के एवज में कोई अनुचित लाभ (रिश्वत) मांगता है, स्वीकार करता है या प्राप्त करने का प्रयास करता है। कम से कम 3 वर्ष और अधिकतम 7वर्ष तक की सजा हो सकती है। जुर्माने का भी प्रावधान है। . धारा 13(1)(बी) आपराधिक कदाचार: यदि कोई लोक सेवक अपने पद का दुरुपयोग करके, अवैध साधनों से स्वयं के लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई आर्थिक या मूल्यवान लाभ प्राप्त करता है तो (सजा धारा 13(2) के अंतर्गत निर्धारित है)धारा 13(2) धारा 13(1) के तहत आपराधिक कदाचार के लिए दंड: धारा 13(1) के तहत दोषी पाए जाने पर लोक सेवक के लिए कम से कम 4 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। जुर्माना अनिवार्य है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: