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जिला कलेक्टर ने ली ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की मैराथन बैठक, 23 कार्यक्रमों की समीक्षा

6 hours ago
जिला कलेक्टर ने ली ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की मैराथन बैठक, 23 कार्यक्रमों की समीक्षा

खुलासा न्यूज,बीकानेर। जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने शनिवार को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की मैराथन मीटिंग ली तथा विभाग द्वारा संचालित 23 प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि यह विभाग ग्रामीण विकास की धुरी है। विभाग से जुड़े प्रत्येक अधिकारी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की गंभीरता और प्राथमिकता को समझें। समस्त कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से करना सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इनका अधिक से अधिक लाभ हो।

 

जिला कलेक्टर ने कहा कि 1 जुलाई से प्रारंभ वीबी-जीरामजी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। योजना के तहत अधिक से अधिक कार्यों की स्वीकृत करें तथा प्रत्येक कार्य की मॉनिटरिंग हो। उन्होंने कर्मभूमि से मातृभूमि तथा जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा भी की तथा कहा कि भामाशाहों, सीएसआर तथा एनजीओ के माध्यम से कर्मभूमि से मातृभूमि योजना के तहत अधिक से अधिक कार्य करवाएं जाएं। उन्होंने कहा कि जल संचय संरचनाओं का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी भी इसे ध्यान रखते हुए कार्य करें।
जिला कलेक्टर ने स्कूलों की सिक्योरिटी ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों में मरम्मत के कार्य वीबी-जीरामजी एवं अन्य योजनाओं के अतंर्गत स्वीकृत करने के निर्देश दिए। 

 


जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक विकास अधिकारी अपने अधीन समस्त ग्राम विकास अधिकारियों की पाक्षिक बैठकें लें और विभागीय गतिविधियों की नियमित फील्ड  निरीक्षण करें। उन्होंने पंचायती राज के अधीन पांच विभागों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। 
जिला कलेक्टर ने हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण की तैयारी की समीक्षा की तथा कहा कि बरसात के अनुसार पौधारोपण का कार्य प्रारंभ किया जाए। साथ  शत प्रतिशत पौधारोपण के लिए निर्देशित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित कार्यों को प्राथमिकता से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति स्तर पर ई-फाइलिंग के माध्यम से ही पत्रावलियों का आदान-प्रदान हो।

 


जिला कलेक्टर ने आगामी बैठक में प्रत्येक योजना की जिला और ब्लॉक बार रैंकिंग उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता से जुड़े कार्य धरातल पर दिखने चाहिए। रिसोर्सेस रिकवरी सेंटर कार्यशील हों, इसके लिए भी निर्देशित किया। स्वामित्व योजना में प्रगति के निर्देश दिए। विधायक और सांसद क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत शत प्रतिशत कार्यों को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.3 के कार्यों की समीक्षा की तथा 2.4 के लिए नए गांवों के चयन के प्रस्ताव अविलंब भिजवाने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने डीएमएफटी के तहत स्वीकृत, लंबित तथा पूर्ण कार्यों की जानकारी ली। जिला परिषद मद के कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध करवाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम को राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम बताया तथा कहा कि विकास अधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्यों की समीक्षा की। बीएसएनएल के टावरों के लिए नियमानुसार भूमि आवंटित करने के लिए निर्देशित किया।
जिला कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित अन्नपूर्णा रसोइयों को आदर्श रसोइयों के रूप में विकसित किया जाए। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत इन्हें सुंदर बनाया जाए, जिससे लोगों को अच्छे वातावरण में गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके। 
जिला कलेक्टर ने ग्रामीण सेवा शिविरों के फॉलोअप कैंप्स को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए तथा कहा कि विकास अधिकारी स्वयं इन कैंपों में जाएं तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करें। 
बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप कुमार तथा सहित ऋतुराज महिला सहित समस्त विकास अधिकारी, अधिशाषी, सहायक और कनिष्ठ अभियंता सहित विभिन्न कार्मिक मौजूद रहे।

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