निजी स्कूलों के निरीक्षण के आदेश के बाद शिक्षण संस्थानों के संगठनों में रार!
खुलासा न्यूज,बीकानेर। शिक्षा विभाग ने कुछ समय पूर्व प्राइवेट स्कूलों के निरीक्षण को लेकर एक आदेश जारी किया। जिसमें प्राइवेट स्कूलों में हर महीने निरीक्षण का आदेश दिया गया। जिसे संबलन निरीक्षण का नाम दिया गया। इस आदेश के बाद प्राइवेट स्कूलों के संचालकों में हड़कंप की स्थिति बन गयी कि आखिर ये कैसा आदेश है। जिसके बाद शिक्षण संस्थानाओं के संगठनों में इसको लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई। स्कूलों के संगठनों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी भी शुरू की और बड़े आंदोलन को लेकर कई बार चेतावनी जारी की ।
सोमवार को शिक्षण संस्थानों के एक संगठन ने स्कूलों के स्वैच्छिक बंद का एलान कर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप शहर के अधिकांश स्कूल अंतिम समय तक असमंजस की स्थिति में रहेंं और फिर अंतिम समय में कई स्कूलों में छुट्टी हुई और कई स्कूलों में नहीं हुई। ऐसे में शिक्षण संस्थानों के संगठन के अंदर की राढ़ चौडेधाड़े आ गयी। शिक्षण संस्थानों के संगठन ने पैपा ने स्वैच्छिक बंद से दूरी बना ली और अनौपचरिक रूप से संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हमारा आंदोलन अलग चल रहा है। अंदरखाने सोमवार को बंद हुए स्वैच्छिक बंद को पुरी तरह फ्लॉप के भी प्रयास किए। पैपा इस बंद के खिलाफ में सामने तो नहीं आया लेकिन ये कहता रहा कि 24 जुलाई तक इस निरीक्षण के आदेश पर स्कूलों के पक्ष में बंड़ा निर्णय होगा। ऐसे में अब हम 24 तक किसी तरह के विरोध के पक्ष में नहीं है।
सोमवार को हुए बंद के बाद आज बुधवार को फिर से जानकारी सामने आयी है कि शिक्षा मंत्री ने इस आदेश के सम्बंध में मौखिक आश्वासन दिया है कि साल में एक बार निरीक्षण होगा हालांकि अभी इस आदेश का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में अब सवाल है कि आखिर जब शिक्षण संस्थानों के संगठन ही बंटे हुए है तो फिर शिक्षण संस्थानों का फायदा और एक करके कैसे चला पाएगा क्योंकि कहीं ना कहीं शिक्षण संस्थानों के संस्थाओं में भी श्रैय लेने की होड़ मची हुई है।
जानकारी के अनुसार 13 बिंदुओं का मांगपत्र सौंपा गया है जिस पर निर्णय होना है। जानकारी के अनुसार पैपा ने चेतावनी दी है कि 24 जुलाई तक सभी 13 मांगो पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो फेडरेशन आंदोलन शुरू करेगा। 26 जुलाई को जयपुर में फेडरेशन की बैठक भी प्रस्तावित बताई जा रही है।
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