Khulasa Online
TM Jewellers
surender singh
monti makkad
kanta suthar
hari om yadav
Tarun kumar
Deepak vyash
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

अमेरिका–इजराइल और ईरान जंग का 27वां दिन: तनाव चरम पर, सीजफायर से इनकार

Bansal sadi
5 months ago
अमेरिका–इजराइल और ईरान जंग का 27वां दिन: तनाव चरम पर, सीजफायर से इनकार

ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी

अमेरिका–इजराइल और ईरान जंग का 27वां दिन: तनाव चरम पर, सीजफायर से इनकार, 

खुलासा ऑनलाइन। अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 27वां दिन है और हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उसने पीछे हटकर समझौता नहीं किया, तो उस पर पहले से भी अधिक ताकतवर हमला किया जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर हैं और किसी भी स्थिति में सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल कोई वास्तविक बातचीत नहीं हो रही है और अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

इस बीच ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है, जिससे भारत को बड़ी राहत मिली है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल आयात करता है, जिसमें से 55-60 प्रतिशत खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट खुला रहने से तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी और कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। युद्ध के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं और जहाजों का बीमा खर्च भी काफी बढ़ गया था। अब रास्ता खुलने से परिवहन लागत कम होगी और मिडिल ईस्ट से भारत आने वाले जहाज 5 से 10 दिनों में पहुंच सकेंगे। हालांकि दोनों पक्षों के कड़े रुख को देखते हुए फिलहाल शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: