Khulasa Online
TM Jewellers
Hospital
Suhag
BANSAL 2
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
KHAOSA

धोखाधड़ी प्रकरण में न्यायालय सख्त, पुलिस को फिर से अग्रिम अनुसंधान के आदेश

Bansal
D1
D2
D3
D4
D5
D6
3 months ago
धोखाधड़ी प्रकरण में न्यायालय सख्त, पुलिस को फिर से अग्रिम अनुसंधान के आदेश

 

धोखाधड़ी प्रकरण में न्यायालय सख्त, पुलिस को फिर से अग्रिम अनुसंधान के आदेश
बीकानेर।  सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट  अविनाश चांगल ने थाना बज्जू में दर्ज एफआईआर संख्या 169/2024 (धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी) के प्रकरण में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए पुलिस को धारा 173(8) दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत अग्रिम  अनुसंधान करने के निर्देश दिए।
न्यायालय ने माना कि इस मामले में अनुसंधान अधिकारी द्वारा उचित एवं कानूनी रूप से जांच नहीं की गई।
पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने पर परिवादी रामकुमार की ओर से महत्वपूर्ण कानूनी तथ्यों का खुलासा करते हुए धारा 173(8) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
परिवादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ओम आचार्य एवं मनीराम आचार्य ने बहस के दौरान पुलिस की जांच पर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं।
मामले के समस्त दस्तावेजों एवं अधिवक्तागण की दलीलों का गहन अध्ययन करने के बाद न्यायालय ने परिवादी रामकुमार का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए गवाहों से पूछताछ, राजस्व रिकॉर्ड की जांच तथा आवंटन की संपूर्ण जांच कर अग्रिम अनुसंधान पूरा कर नवीनतम रिपोर्ट अदालत में पेश करने तथा थानाधिकारी, पुलिस थाना बज्जू को आदेश दिए।
परिवादी रामकुमार ने बताया कि यह आदेश मेरे लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और मुझे विश्वास है कि अग्रिम अनुसंधान से सभी तथ्य निष्पक्ष रूप से सामने आएंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओम आचार्य ने कहा कि न्यायालय का आदेश निष्पक्ष एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अग्रिम अनुसंधान से मामले के सभी प्रासंगिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष आएंगे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी।

D7
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: