धोखाधड़ी प्रकरण में न्यायालय सख्त, पुलिस को फिर से अग्रिम अनुसंधान के आदेश
धोखाधड़ी प्रकरण में न्यायालय सख्त, पुलिस को फिर से अग्रिम अनुसंधान के आदेश
बीकानेर। सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश चांगल ने थाना बज्जू में दर्ज एफआईआर संख्या 169/2024 (धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी) के प्रकरण में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए पुलिस को धारा 173(8) दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत अग्रिम अनुसंधान करने के निर्देश दिए।
न्यायालय ने माना कि इस मामले में अनुसंधान अधिकारी द्वारा उचित एवं कानूनी रूप से जांच नहीं की गई।
पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने पर परिवादी रामकुमार की ओर से महत्वपूर्ण कानूनी तथ्यों का खुलासा करते हुए धारा 173(8) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
परिवादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ओम आचार्य एवं मनीराम आचार्य ने बहस के दौरान पुलिस की जांच पर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं।
मामले के समस्त दस्तावेजों एवं अधिवक्तागण की दलीलों का गहन अध्ययन करने के बाद न्यायालय ने परिवादी रामकुमार का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए गवाहों से पूछताछ, राजस्व रिकॉर्ड की जांच तथा आवंटन की संपूर्ण जांच कर अग्रिम अनुसंधान पूरा कर नवीनतम रिपोर्ट अदालत में पेश करने तथा थानाधिकारी, पुलिस थाना बज्जू को आदेश दिए।
परिवादी रामकुमार ने बताया कि यह आदेश मेरे लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और मुझे विश्वास है कि अग्रिम अनुसंधान से सभी तथ्य निष्पक्ष रूप से सामने आएंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओम आचार्य ने कहा कि न्यायालय का आदेश निष्पक्ष एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अग्रिम अनुसंधान से मामले के सभी प्रासंगिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष आएंगे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी।
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