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निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का काउंटडाउन शुरू , किसी भी पल लग सकती है ‘आचार संहिता’, जानें लेटेस्ट अपडेट

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2 months ago
निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का काउंटडाउन शुरू , किसी भी पल लग सकती है ‘आचार संहिता’, जानें लेटेस्ट अपडेट

निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का काउंटडाउन शुरू , किसी भी पल लग सकती है ‘आचार संहिता’, जानें लेटेस्ट अपडेट

जयपुर। राजस्थान के शहरी इलाकों में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ऐसे में प्रदेश के संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में किसी भी समय आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, स्वायत्त शासन विभाग की ओर से निकायों में आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जा चुकी है। आयोग के अधिकारी रिपोर्ट की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। यदि रिपोर्ट में किसी तरह की तकनीकी या कानूनी कमी सामने आती है तो उसे दुरुस्त कराने के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

वहीं, यदि रिपोर्ट में कोई बड़ी खामी नहीं पाई जाती है तो 19 अगस्त को शाम तक निकाय चुनाव की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर अंतिम निर्णय और आधिकारिक पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा के बाद ही होगी।

चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। इसका सीधा असर प्रशासनिक निर्णयों, नई घोषणाओं और स्थानीय विकास कार्यों से जुड़े फैसलों पर पड़ेगा।

दो चरणों में हो सकता है मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग से जुड़ी तैयारियों के अनुसार निकाय चुनाव के लिए प्रशासनिक और लॉजिस्टिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संभावित तौर पर चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा कराया जा सकता है।

संभावित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण का मतदान सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में और दूसरे चरण का मतदान सितंबर के दूसरे सप्ताह में कराया जा सकता है। हालांकि, यह कार्यक्रम फिलहाल संभावित है और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

आयोग की ओर से अंतिम मतदाता सूची, मतदान केंद्रों और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की जा रही है, ताकि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद किसी तरह की प्रशासनिक परेशानी सामने न आए।

आचार संहिता लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद नए विकास कार्यों के शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण जैसे कार्यक्रमों पर रोक रहेगी।

नई विकास योजनाओं, नए टेंडर और नए कार्यादेश जारी करने पर भी नियमों के तहत प्रतिबंध रहेगा। मंत्री और जनप्रतिनिधि ऐसी नई योजनाओं की घोषणा नहीं कर सकेंगे, जिनसे चुनावी क्षेत्र के मतदाताओं पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता हो।

हालांकि, आचार संहिता लागू होने से पहले जिन विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, उन्हें नियमानुसार जारी रखा जा सकेगा। पहले से चल रहे निर्माण कार्य भी नियमों के दायरे में जारी रहेंगे। वहीं सफाई, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक नागरिक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी।

विधानसभा में बिल पेश करने पर क्या होगा असर?
निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच विधानसभा में प्रस्तावित विधेयकों को लेकर भी चर्चा है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार आचार संहिता लागू होने के दौरान विधानसभा का विधायी कामकाज पूरी तरह बंद नहीं होता और आवश्यक विधेयक सदन में पेश किए जा सकते हैं।

हालांकि, सरकार को ऐसे फैसलों, घोषणाओं और प्रचार गतिविधियों से बचना होता है, जिनसे चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगे। सरकारी विज्ञापनों और प्रचार गतिविधियों पर भी आचार संहिता के प्रावधान लागू रहेंगे।

फिलहाल निकाय चुनाव की सटीक तारीख, चरणवार कार्यक्रम और मतदान वाले निकायों की अंतिम सूची को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस और अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम की पूरी तस्वीर साफ होगी।

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