Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

कोलायत में चारणवाला नहर टूटी, 300 फीट का कट हुआ,  फसल पर संकट

rk
4 months ago
कोलायत में चारणवाला नहर टूटी, 300 फीट का कट हुआ,  फसल पर संकट

कोलायत में चारणवाला नहर टूटी, 300 फीट का कट हुआ,  फसल पर संकट

बीकानेर। कोलायत क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की चारणवाला नहर टूटने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। घटना सुबह करीब 5 बजे बुर्जी 19 के पास उस समय हुई जब सिंचाई पानी की वरीयता चल रही थी। फसल पकने के महत्वपूर्ण समय पर नहर टूटने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। सहायक अभियंता पवन खिलेरी के अनुसार, नहर की बुर्जी 18-19 के बीच चक 4 सीडब्ल्युबी का खाला ओवरफ्लो होकर टूट गया। पानी के तेज दबाव से आसपास की मिट्टी कट गई और पटड़ा क्षतिग्रस्त हो गया। इससे नहर में लगभग 250 से 300 फीट लंबा कट बन गया।

मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक भंवर सिंह भाटी और कांग्रेस नेता भागीरथ तेतरवाल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधीक्षण अभियंता मनोज सोनकर ने बताया कि मुख्य अभियंता से चर्चा हो चुकी है और मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि 4-5 दिनों में नहर को दोबारा चालू कर दिया जाएगा, ताकि किसानों को सिंचाई का पानी मिल सके।

किसानों की चिंता और ठेकेदार पर सवाल
किसान सुनील और विकास खीचड़ ने कहा कि इस समय फसलें पकने की अवस्था में हैं और सिंचाई के पानी की अत्यधिक आवश्यकता है। यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो फसलें बर्बाद हो सकती हैं। किसानों का आरोप है कि नहरों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार फर्मों को सौंप दी गई है, लेकिन वे केवल औपचारिकताएं निभा रही हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े सिस्टम को संभालने के लिए पर्याप्त संसाधन और कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। चारणवाला नहर वर्तमान में एबी कंस्ट्रक्शन के अधीन बताई जा रही है। 

Basic School
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: