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बड़ी खबर: किडनी फेल महिला प्रसूता की हुई मौत, प्रशासन में मची खलबली

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4 months ago
बड़ी खबर: किडनी फेल महिला प्रसूता की हुई मौत, प्रशासन में मची खलबली


बड़ी खबर: किडनी फेल महिला प्रसूता की हुई मौत, प्रशासन में मची खलबली
बीकानेर। 

,बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के चर्चित मामले में सूरतगढ़ की रहने वाली प्रसूता प्रीति की इलाज के दौरान मौत हो गई है। वह पिछले २० दिनों से वेंटिलेटर पर थीं और मल्टीपल मल्टीपल अंगों के काम बंद करने के कारण उनकी जान गई है। यह घटना पिछले महीने प्रसव के लिए पीबीएम अस्पताल में भर्ती हुईं ५ प्रसूताओं की तबीयत बिगडऩे के मामलों से जुड़ी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार,प्रीति की किडनी फेल होने के बाद उनका लीवर भी प्रभावित हो गया था और दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रही थी।अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी.घीया ने बताया कि प्रसूता पिछले कई दिनों से गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती थी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था। बता दें कि हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर ५ महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। हालात इतने बिगड़े कि प्रसूताओं की कई बार डायलिसिस की गई। सभी को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। इनमें तारा देवी (२७),शारदा (२६) और इमरती (२०) की हालत में सुधार है। राहिला (१९) को छुट्टी दे दी गई। जबकि प्रीति (२०) वेंटीलेटर पर थी। डॉ घीया के अनुसार सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं को बाजार से मंगवाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद ही महिलाओं की तबीयत बिगड़ती गई। मामले में राज्य सरकार के स्तर पर २ जांच कमेटी भी बनाई गई है,जिसमें जोधपुर मेडिकल कॉलेज की टीम पीबीएम हॉस्पिटल में चौबीस घंटे में जांच पूरी कर उसी दिन लौट गई। इस टीम ने प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने के मामलों की जांच के लिए जोधपुर से भेजे गए सात सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने अपनी अब तक की प्रारंभिक रिपोर्ट में इसे कोटा जैसे सामूहिक संक्रमण का मामला मानने से इनकार किया है। जांच दल का मानना है कि अब तक उपलब्ध तथ्यों में किसी एक संक्रमण स्रोत, दवा की खामी या अस्पताल में फैले सामूहिक संक्रमण के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं।वहीं ड्रग कंट्रोलर की कमेटी कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।

 

 

 

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