पंचायतीराज संस्थाओं और निकाय चुनाव में शिक्षा की बाध्यता को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिया बड़ा बयान ...
पंचायतीराज संस्थाओं और निकाय चुनाव में शिक्षा की बाध्यता को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिया बड़ा बयान ...
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का कहना है- सरकार की मंशा है कि पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों में शिक्षा की बाध्यता रखी जाए। वहीं दो से अधिक संतानों की बाध्यता नहीं होगी।
राठौड़ रविवार को अपने पाली स्थित अपने आवास पर थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
दरअसल, इससे पहले कांग्रेस विधायक पूसाराम गोदारा ने सदन में सवाल किया था कि क्या सरकार नगर निकायों के चुनाव में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और संतान संबंधी प्रावधानों में संशोधन करने का विचार रखती है?
इस पर 4 फरवरी को सरकार की तरफ से सदन में दिए जवाब में लिखा गया था कि सरकार का नगर निकायों के चुनाव में उम्मीदवारों की योग्यता के संबंध में वर्तमान में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 21 में प्रावधान हैं, जिनमें शैक्षणिक योग्यता के संबंध में कोई नियम नहीं है।
ऐसे में शैक्षणिक योग्यता के लिए नियमों में संशोधन किए जाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
राज्य बजट अच्छा रहेगा, पाली से दिल्ली के लिए रात्रिकालीन ट्रेन भी जल्द
उन्होंने राज्य बजट को लेकर कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार अच्छा काम कर रही है। बजट भी अच्छा होगा। कांग्रेस के राज में किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलती थी, अब 24 घंटे बिजली मिल रही है। पाली से दिल्ली के लिए रात्रिकालीन ट्रेन भी जल्द शुरू होगी।
2004 के बाद पहली बार संसद में पीएम का भाषण नहीं हुआ
उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री का भाषण नहीं हो पाया। यह विपक्ष के अर्मादित व्यवहार के कारण हुआ। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने बोलना शुरू किया। कांग्रेस ने अपनी महिला सांसदों को प्रधानमंत्री की सीट तक भेजा दिया। इससे शोरगुल इतना हो गया कि प्रधानमंत्री बोल नहीं सके। यह कांग्रेस का अर्मादियत और असंसदीय व्यवहार था। इसके लिए उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी।