Khulasa Online
Breaking
• डोसा खाने से 2 बच्चियों की मौत, चार दिन बाद 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया • समय सीमा से पहले ही ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले, एक साथ 50 ठिकाने तबाह, ट्रंप की खौफनाक धमकी, बोले - आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा • ईरान ने अमेरिका का सीजफायर प्रस्ताव ठुकराया, कहा- पूर्ण युद्धविराम के बिना कोई समझौता नहीं; ट्रम्प बोले- ईरान को किसी हालात में न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देंगे • कोर्ट ने इस मामले में 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई फांसी की सजा, जानें क्या है मामला • पति से बहस के बाद फंदे पर लटकी यह फेमस एक्ट्रेस! जन्मदिन से छह दिन पहले क्यों दी जान? पुलिस ने शुरू की जांच • डोसा खाने से 2 बच्चियों की मौत, चार दिन बाद 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया • समय सीमा से पहले ही ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले, एक साथ 50 ठिकाने तबाह, ट्रंप की खौफनाक धमकी, बोले - आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा • ईरान ने अमेरिका का सीजफायर प्रस्ताव ठुकराया, कहा- पूर्ण युद्धविराम के बिना कोई समझौता नहीं; ट्रम्प बोले- ईरान को किसी हालात में न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देंगे • कोर्ट ने इस मामले में 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई फांसी की सजा, जानें क्या है मामला • पति से बहस के बाद फंदे पर लटकी यह फेमस एक्ट्रेस! जन्मदिन से छह दिन पहले क्यों दी जान? पुलिस ने शुरू की जांच
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
mali sani samaj

बीकानेर : माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने किया औचक निरीक्षण, गंभीर लापरवाही बरते पर प्राचार्य को किया निलंबित

rk
7 hours ago
बीकानेर : माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने किया औचक निरीक्षण, गंभीर लापरवाही बरते पर प्राचार्य को किया निलंबित

बीकानेर : माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने किया औचक निरीक्षण, गंभीर लापरवाही बरते पर प्राचार्य को किया निलंबित
बीकानेर। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने मंगलवार को जिले के लूणकरनसर ब्लॉक के विभिन्न राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम अभियान की समीक्षा की। इसमें विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण निर्माण एवं शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु प्रवेशोत्सव सघन अभियान के लिए जारी विभागीय दिशा-निर्देशों की अनुपालना विद्यालयों द्वारा प्रभावी ढंग से किए जाने का फीडबैक लिया गया। विद्यालयों मे विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अध्यापन कार्य के बारे मे जाना। जाट ने बताया कि इस वर्ष प्रवेशोत्सव हेतु सर्वे कार्य समस्त विद्यालयों में चार चरणों में करवाये जाने के निर्देश थे। जिसका प्रथम चरण 27 मार्च एवं द्वितीय चरण 7 अप्रैल से निर्धारित था। निदेशक द्वारा राउमावि बामनवाली का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कोई भी विद्यार्थी उपस्थित नहीं पाया गया। संस्था प्रधान द्वारा वर्तमान तक केवल पांच नव प्रवेश होने की जानकारी दी गई, आंगनबाड़ी से विद्यालय में प्रवेश योग्य विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं करवाया गया एवं प्राचार्य द्वारा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की कार्य योजना प्रस्तुत नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि प्राचार्य राउमावि बामनवाली द्वारा प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम में गंभीर लापवाही एवं उदासीनता बरती जा रही है, अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण एवं उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य नहीं किए जाने एवं राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में गंभीर लापरवाही बरते जाने के कारण प्राचार्य राउमावि बामनवाली को निलंबित करते हुए इनके विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वगीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 16 के तहत कार्यवाही के प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए गए। 
इसके पश्चात निदेशक द्वारा राउमावि धीरेरा गांव का निरीक्षण किया गया, जिसमें विद्यालय में उपस्थित ग्रामीण जनों, अभिभावकों एवं विद्यालय स्टाफ के साथ चर्चा कर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की समीक्षा की एवं अभिभावकों तथा ग्रामीणा से बालक-बालिकाओं को राजकीय विद्यालय में प्रवेश कराने की अपील की गई। इस विद्यालय में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। तत्पश्चात् निदेशक द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हंसेरा का अवलोकन किया गया। विद्यालय के कुल 16 कार्मिकों में से केवल 9 कार्मिक ही उपस्थित पाए गए। अध्यापिका रजनी बाला अध्यापक ले-2 (अंग्रेजी) एवं विद्यालय सहायक गिरधारी लाल मूंड बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस कारण इनको तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए। कार्यवाहक प्राचार्य द्वारा प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की कार्य योजना तैयार नहीं की गई और इनके द्वारा सघन प्रवेशात्सव अभियान की कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। इनके द्वारा वर्तमान तक प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के तहत् नव प्रवेश कराने हेतु कोई प्रगति भी प्रस्तुत नहीं की गई। आंगनबाड़ी से राजकीय विद्यालय में प्रवेश योग्य 9 बालकों को अभी तक राजकीय विद्यालयों में अस्थायी प्रवेश भी नहीं दिलवाया गया। कार्यवाहक प्राचार्य, राउमावि हंसेरा के विरूद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वगीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 16 में कार्यवाही के निर्देश दिये गये। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक/माध्यमिक किशन दान चारण साथ रहे।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: