कांग्रेस में महापौर के बाद अब उप महापौर पर चर्चा, रखी ये शर्त- सूत्र
कांग्रेस में महापौर के बाद अब उप महापौर पर चर्चा, रखी ये शर्त- सूत्र
बीकानेर। नगर निगम महापौर चुनाव को लेकर कांग्रेस में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच अब उप महापौर पद को लेकर भी एक नई चर्चा सामने आई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस से जुड़े पूर्व विधानसभा क्षेत्र के पार्षदों की एक बैठक में उप महापौर पद के लिए पूर्व विधानसभा क्षेत्र से पार्षद को मौका देने पर सहमति बनने की बात सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में यह विचार रखा गया कि महापौर पद के लिए अनिल कल्ला के नामांकन के बाद उप महापौर पद पर पूर्व विधानसभा क्षेत्र को प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यदि इस फॉर्मूले पर अमल होता है तो कांग्रेस के सामने उम्मीदवार चयन को लेकर नई चुनौती खड़ी हो सकती है। राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि पूर्व विधानसभा क्षेत्र से मुस्लिम समुदाय का कोई प्रमुख दावेदार फिलहाल उप महापौर की दौड़ में स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में पार्टी को सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच संतुलन बनाना होगा।
नवरतन डागा के नामांकन से बढ़ी हलचल
वहीं कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद नवरतन डागा के महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। डागा ने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के सामने अपना नामांकन दाखिल किया है। डागा ने अपने नामांकन को पार्टी के खिलाफ कदम नहीं बताते हुए परिवारवाद और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने की बात कही है।
अब कांग्रेस के सामने दो अहम सवाल हैं—क्या पार्टी नवरतन डागा को नामांकन वापस लेने के लिए राजी कर पाएगी और उप महापौर पद के लिए पूर्व विधानसभा वाला फॉर्मूला वास्तव में लागू होगा?
फिलहाल इन दोनों मुद्दों पर पार्टी की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में नामांकन वापसी और उम्मीदवारों को लेकर कांग्रेस की रणनीति से बीकानेर नगर निगम के सियासी समीकरण और स्पष्ट होंगे।
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