विद्यार्थियों का बीएड से मोह हटा, अब तक इतने हजार सीटे खाली, लाख कोशिश के बाद सीटे भरने में नाकाम
विद्यार्थियों का बीएड से मोह हटा, अब तक इतने हजार सीटे खाली, लाख कोशिश के बाद सीटे भरने में नाकाम
बीकानेर । पीटीईटी 2026 की दूसरी काउंसलिंग के बाद भी प्रदेश में आधे से ज्यादा सीटे खाली पड़ी है। जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि पढऩे वाले बच्चों का मोह बीएड से हट गया है। इसका मुख्य कारण का बीएड में सेमेस्टर चालू करना व दो साल की बीएड होने के कारण लोगों का बीएड से मोह हट गया है। सीटे भरने के लिए कई जुगाड़ कर रहे है लाख कोशिश करने के बाद भी सीटे खाली रहेंगी। अगर ऐसा रहा तो अगले साल से बीएड में विद्यार्थियों की संख्या मात्र नाम की रह जायेगी। जानकारी के अनुसार पीटीईटी-2026 की दूसरी काउंसलिंग के बाद भी प्रदेश के बीएड कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना तय है। प्रदेश के 942 बीएड कॉलेजों में कुल करीब 1.06 लाख सीटें हैं, जबकि अब तक केवल 47,263 सीटों पर प्रवेश हुआ है। दूसरी काउंसलिंग में 11,097 अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए गए हैं। यदि सभी अभ्यर्थी रिपोर्टिंग कर लेते हैं, तब भी करीब 47,640 सीटें खाली रहेंगी। काउंसलिंग शेड्यूल के अनुसार दूसरी काउंसलिंग में चयनित अभ्यर्थियों के लिए संबंधित कॉलेज में रिपोर्टिंग का अंतिम दिन 22 अगस्त है। पहली काउंसलिंग में 57,538 अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए गए थे। इनमें से 47,263 अभ्यर्थियों ने संबंधित कॉलेजों में प्रवेश लिया। इसके बाद रिक्त सीटों को भरने के लिए दूसरी काउंसलिंग कराई गई।
कॉलेजों के सामने सीटें भरने की चुनौती
दोनों काउंसलिंग के बाद भी करीब 47 हजार से अधिक सीटें रिक्त रहने की स्थिति है। ऐसे में बीएड कॉलेजों के सामने शेष सीटों को भरना बड़ी चुनौती बन गया है। दूसरी काउंसलिंग में आवंटित अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग पूरी होने के बाद वास्तविक प्रवेश की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रहने पर कॉलेजों को प्रवेश के अगले चरण का इंतजार करना पड़ेगा।
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