Khulasa Online
TM Jewellers
Suhag
BANSAL 2
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
KHAOSA

स्लीपर बस व बोलेरो की भीषण भिड़ंत में तीन जनों की मौत पांच बुरी तरह घायल

Bansal
3 months ago
स्लीपर बस व बोलेरो की भीषण भिड़ंत में तीन जनों की मौत पांच बुरी तरह घायल

 

स्लीपर बस व बोलेरो की भीषण भिड़ंत में तीन जनों की मौत पांच बुरी तरह घायल
 बीकानेर।  बीकानेर-श्रीडूंगरगढ़ नेशनल हाईवे-11 पर स्लीपर बस और बोलेरो की भीषण भिड़ंत में अब तक तीन घायलों की मौत हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए छह वर्षीय शिवानी, 18 वर्षीय मेघा तथा बोलेरो चालक दानाराम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं हादसे में घायल पांच अन्य लोगों का पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार हादसे के बाद सामाजिक संस्थाओं और एंबुलेंस सेवाओं ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया। शिवानी को आपणो गांव सेवा समिति की एंबुलेंस, मेघा को एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी की एंबुलेंस तथा गंभीर घायल चालक दानाराम को निजी एंबुलेंस से बीकानेर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद तीनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी के आमिर खान ने बताया कि उनकी टीम ने घायलों को जल्द से जल्द ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन हादसा इतना गंभीर था कि तीन लोगों की जान नहीं बच सकी।
उन्होंने कहा कि यदि श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध होती, तो घायलों को समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सकता था और संभव है कि कुछ जानें बचाई जा सकतीं। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की आवश्यकता को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण स्लीपर बस चालक द्वारा लापरवाही से ओवरटेक करना माना जा रहा है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: