बीकानेर: पीपीपी मॉडल पर फर्म को सिर्फ जमीन देगा निगम, ये है वजह
बीकानेर: पीपीपी मॉडल पर फर्म को सिर्फ जमीन देगा निगम, ये है वजह
बीकानेर। शहर की सड़कों पर अब मनमर्जी और बेतरतीब ढंग से गाड़ियां खड़ी करना वाहन चालकों के लिए भारी पड़ने वाला है। शहर को लंबे समय से सता रही ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम बीकानेर बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े शहरों की तर्ज पर अब बीकानेर में भी व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए निगम शहर भर में 40 प्रमुख स्थानों पर नए पार्किंग स्थल विकसित करने जा रहा है, जिसका टेंडर पूरी तरह तैयार कर लिया गया है और मंगलवार को इसे आधिकारिक रूप से पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। निगम ने इस पूरी योजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के अनूठे मॉडल पर तैयार किया है।
निगम अपनी ओर से ठेका लेने वाली फर्म को कोई बजट या वित्तीय मदद नहीं देगा बल्कि केवल चिन्हित जमीन उपलब्ध कराएगा। पार्किंग स्थल को समतल करने, डामरीकरण (सड़क निर्माण), बाउंड्री और टॉयलेट कॉम्प्लेक्स बनाने का पूरा खर्चा ठेकेदार को खुद उठाना होगा। ठेकेदार पार्किंग शुल्क वसूली के अलावा टॉयलेट कॉम्प्लेक्स के ऊपरी हिस्से में प्रचार-सामग्री (होर्डिंग्स/विज्ञापन) लगाकर भी कमाई कर सकेगा। इस व्यवस्था से नगर निगम को बैठे-बिठाए हर महीने अच्छा राजस्व मिलेगा। निगम पूर्व विधानसभा क्षेत्र के पार्किंग स्थलों से करीब ढाई लाख रुपए और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से लगभग एक लाख रुपए प्रति माह की कमाई करेगा। निगम प्रशासन ने 40 पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण पूरा कर लिया है। ये पार्किंग स्थल मुख्य रूप से दो प्रकार के होंगे। ऑनसाइट में सड़कों के किनारे-किनारे निर्धारित सफेद पट्टियों के भीतर गाड़ियां खड़ी करने की जगह। ऑफसाइट पार्किंग में यदि ठेकेदार को सड़क से हटकर कोई खाली जगह (चाहे फ्री में मिले या किराये पर) मिलती है तो निगम उसे वहां व्यवस्थित पार्किंग बनाने का अधिकार देगा।
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