अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट पर किया कब्जा
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट पर किया कब्जा
वॉशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे ट्रम्प के कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में उनकी नीतियों और फैसलों को संसद में कड़ी चुनौती मिल सकती है। वहीं हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स बढ़त की ओर हैं, हालांकि वहां बहुमत का अंतिम फैसला अभी घोषित नहीं हुआ है।
सीनेट में डेमोक्रेट्स का बहुमत
अमेरिकी सीनेट में कुल 100 सीटें हैं। इस चुनाव में 35 सीटों पर मतदान हुआ। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स ने कई अहम राज्यों में जीत दर्ज करते हुए सीनेट का नियंत्रण हासिल कर लिया है। टेक्सास, आयोवा, कंसास, साउथ कैरोलिना, ओहायो और नॉर्थ कैरोलिना जैसे राज्यों में पार्टी को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत की दौड़
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। बहुमत के लिए 218 सीटों की आवश्यकता है। शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेट्स ने कई रिपब्लिकन सीटों पर जीत दर्ज की है। हालांकि, अभी सभी मुकाबलों के नतीजे सामने नहीं आए हैं और सदन में किस पार्टी का नियंत्रण होगा, यह स्पष्ट होना बाकी है।
महंगाई, ईंधन की कीमतें और ईरान युद्ध बने मुद्दे
चुनाव में मतदाताओं की नाराजगी के पीछे महंगाई, बढ़ती ईंधन कीमतें, ईरान के साथ युद्ध और सरकार से जुड़ी भ्रष्टाचार की चिंताएं प्रमुख मुद्दे रहे। एसोसिएटेड प्रेस के मतदाता सर्वे के अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाताओं ने देश की आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को लेकर असंतोष जताया।
ट्रम्प ने हार की जिम्मेदारी से किया किनारा
रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर वह खुद चुनाव मैदान में होते तो उनकी पार्टी बड़ी जीत हासिल करती। उन्होंने पार्टी की हार को सीधे तौर पर अपनी व्यक्तिगत हार मानने से इनकार किया।
अब संसद में ट्रम्प के फैसलों को मिलेगी चुनौती
सीनेट का नियंत्रण डेमोक्रेट्स के हाथ में जाने से राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रशासनिक फैसलों, नियुक्तियों और नीतियों पर संसदीय निगरानी बढ़ सकती है। डेमोक्रेट्स जांच और सुनवाई के जरिए सरकार से जवाब मांग सकेंगे।
ट्रम्प के पास राष्ट्रपति के रूप में किसी विधेयक पर वीटो लगाने का अधिकार बना रहेगा। हालांकि, संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिलने पर सांसद राष्ट्रपति के वीटो को निष्प्रभावी कर सकते हैं। फिलहाल डेमोक्रेट्स के पास इतना बहुमत नहीं है।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के ये नतीजे ट्रम्प के कार्यकाल के अगले दो वर्षों की राजनीति और सरकार के कामकाज पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं।
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