राजस्थान में निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा, दो चरणों में होगें मतदान
राजस्थान में निकाय चुनाव की घोषणा,2 फेज में होगा मतदान
309 निकायों में से 60 निकाय प्रमुखों के पद ओबीसी के लिए रिजर्व है। 50 निकायों में एससी और 11 निकायों में एसटी के लिए निकाय प्रमुख पद आरक्षित हैं।
27 अगस्त से शुरू होगा नामांकन
आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्रदेश के 309 शहरी निकायों में 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव होंगे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। 27 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रत्याशी 31 अगस्त तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 3 सितंबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद दोनों चरणों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को जारी होंगे।
21 सितंबर को निकाय प्रमुखों का चुनाव
राजेश्वर सिंह के अनुसार पार्षदों के चुनाव के बाद निकाय प्रमुखों के निर्वाचन की प्रक्रिया होगी। 21 सितंबर को मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्षों का चुनाव कराया जाएगा। इसके अगले दिन 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पदों के चुनाव होंगे। 22 सितंबर को ही नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक होगी। इसी बैठक में डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा।
309 निकायों में आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के सभी 309 शहरी निकायों में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक यह प्रभावी रहेगी। इसके चलते संबंधित निकाय क्षेत्रों में प्रशासनिक फैसलों, नई घोषणाओं और चुनाव को प्रभावित करने वाले विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश लागू होंगे।
10245 में से 3356 महिला पार्षद बनेंगी, 4120 वार्ड अनारक्षित ओपन
प्रदेश के 309 निकायों में 3356 महिला पार्षद बनेंगी। हर कैटेगरी में 33 फीसदी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 10,245 वार्ड में से 1933 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं। एससी के लिए 1794, एसटी के लिए 395 वार्ड आरक्षित किए हैं। सबसे ज्यादा 6123 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं, जिनमें 4120 वार्ड अनारक्षित ओपन और 2003 वार्ड अनारक्षित महिला के है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हो रहे हैं चुनाव
हाईकोर्ट ने निकाय और पंचायत चुनावों में देरी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए 15 नवंबर तक दोनों के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। 15 अगस्त तक लॉटरी प्रक्रिया पूरी करने के भी आदेश दिए थे। स्वायत्त शासन विभाग ने निकाय प्रमुखों और वार्डों के आरक्ष्ण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर सभी डेटा राज्य निर्वाचन आयोग को भिजवा दिए हैं।
आचार संहिता के कारण यूसीसी बिल और ट्री बिल अटकेंगे
निकाय चुनावों की आचार संहिता के कारण गुरुवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में सरकार अहम बिल पारित नहीं करवा सकेगी। यूसीसी बिल और खेजड़ी संरक्षण पर बना बिल इस सत्र में पारित नहीं हो सकेगा। मानसून सत्र दो दिन चलने की संभावना है, जिसमें दोनों बिल सदन में रख दिए जाएंगे, इन्हें नवबंर के आखिर में सदन बुलाकर फिर पारित करवाने की रणनीति है।
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