रणजीतपुरा नाबालिग छात्रा दुष्कर्म-हत्या केस में आरोपी को सजा दिलाने की जिम्मेदारी स्पेशल पीपी महावीर किशनावत को
रणजीतपुरा नाबालिग छात्रा दुष्कर्म-हत्या केस में आरोपी को सजा दिलाने की जिम्मेदारी स्पेशल पीपी महावीर किशनावत को
बीकानेर। रणजीतपुरा में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को सजा दिलाने के लिए जयपुर के विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर किशनावत को सरकार की ओर से पैरवी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब वे जयपुर से बीकानेर आकर अदालत में इस गंभीर मामले की पैरवी करेंगे।
मामले के अनुसार रणजीतपुरा के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा 21 फरवरी को आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए सुबह करीब 11:30 बजे घर से निकली थी। आरोप है कि रणजीतपुरा चौराहे से करीब 400 मीटर दूर आरडीवाई नहर के पास गांव के ही एक युवक ने उसे रोक लिया। आरोप है कि युवक ने डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए जयपुर के विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। बताया गया है कि उनकी नियुक्ति के लिए डीजीपी की ओर से सरकार को सिफारिश की गई थी। अब किशनावत बीकानेर आकर न्यायालय में सरकार की ओर से पैरवी करेंगे।
महावीर किशनावत को गंभीर आपराधिक और दुष्कर्म के मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए जाना जाता है। वे पूर्व में जयपुर में रेगुलर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और विशिष्ट लोक अभियोजक के रूप में कार्य कर चुके हैं।
गंभीर मामलों में करा चुके हैं सजा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार किशनावत ने वर्ष 2016 में जयपुर के रामगंज थाने में दर्ज गोहत्या प्रकरण में आरोपी अफजल सहित अन्य आरोपियों को अधिकतम 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिलाई थी। इसे राजस्थान में गोहत्या के आरोपियों को कठोर सजा दिलाने वाले प्रमुख मामलों में गिना गया।
दुष्कर्म और हत्या के मामलों में भी उनकी ओर से कई चर्चित मामलों में पैरवी की गई है। 27 नवंबर 2020 को जयपुर के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी सिकंदर खान को आजीवन कठोर कारावास की सजा दिलाई गई।
इसी तरह 9 फरवरी 2022 को जयपुर जिले के नरेना थाना क्षेत्र में दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी को फांसी की सजा दिलाने में उन्होंने पैरवी की। बूंदी जिले के बसोली थाना क्षेत्र के चर्चित मामले में 29 अप्रैल 2022 को दोनों मुख्य आरोपियों छोटू और सुल्तान को मृत्यु दंड की सजा दिलाई गई।
इसके अलावा 14 जुलाई 2023 को जयपुर के आमेर थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी बाल अपचारी को आजीवन कठोर कारावास की सजा दिलाई गई। वहीं 23 अगस्त 2023 को कोटा के रामगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र के चर्चित मामले में ट्यूशन शिक्षक द्वारा बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पॉक्सो कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक के रूप में पैरवी करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई।
रणजीतपुरा मामले में अब सरकार की ओर से महावीर किशनावत की नियुक्ति के बाद आरोपी के खिलाफ अभियोजन पक्ष की पैरवी और मजबूत होने की उम्मीद है। मामले में अदालत की आगामी कार्यवाही के दौरान वे सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे।
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