बीकानेर: इस लैब को जयपुर ले जाने की तैयारी, बिल्डिंग का पजेशन नहीं मिलने के कारण 2 करोड़ का बजट लैप्स
बीकानेर: इस लैब को जयपुर ले जाने की तैयारी, बिल्डिंग का पजेशन नहीं मिलने के कारण 2 करोड़ का बजट लैप्स
बीकानेर। लंबे प्रयासों के बाद बीकानेर में शुरू होने वाली सिरेमिक लैब को जयपुर ले जाने की तैयारी कर ली गई है। सरकार की बजट घोषणा में जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर माइनिंग एंड मिनरल की घोषणा की गई थी। बीकानेर की सिरेमिक लैब को गुपचुप तरीके से उसी में समाहित किया जा रहा है।
बीकानेर में क्ले की करीब 200 खानें हैं। इन खान मालिकों को क्ले, अन्य खनिजों और सिरेमिक प्रोडक्ट की गुणवत्ता की जांच के लिए यूपी के अलीगढ़ में खुर्जा, गुजरात के अहमदाबाद, मोरबी जिलों में जाना पड़ता है। इसे देखते हुए सालों से सिरेमिक लैब शुरू करने की आवश्यकता जताई जा रही थी और वर्ष, 24-25 के बजट में सरकार ने इसकी घोषणा भी कर दी। बीकानेर के बीटीयू में सिरेमिक लैब खोलना तय किया गया और सरकार से इसके लिए बजट की पहली किस्त में करीब 2 करोड़ रुपए का बजट भी मिल गया। लेकिन, अब बीकानेर की सिरेमिक लैब को गुपचुप तरीके से जयपुर ले जाने की तैयारी कर ली गई है। वर्ष, 25-26 के बजट में सरकार ने जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर माइनिंग एंड मिनरल्स की घोषणा की थी। बीकानेर की सिरेमिक लैब को उसी में समाहित किया जा रहा है, जबकि उपयोगिता बीकानेर में ज्यादा है।
इस संबंध में खान एवं भूविज्ञान विभाग की विशिष्ट शासन सचिव नम्रता वृष्णि ने लैब संचालन गवर्निंग काउंसिल के सचिव और खान निदेशक को अवगत करा दिया है। इस दौरान बीकानेर को सिरेमिक लैब के उपकरण खरीदने के लिए मिले दो करोड़ रुपए भी भवन की उपलब्धता नहीं होने के कारण लैप्स हो गए। नए सिरे से बजट के प्रस्ताव भेजे गए जो ठंडे बस्ते में पड़े हैं। गौरतलब है कि बीकानेर में लैब संचालन के लिए गर्वनिंग काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमेटी का गठन भी कर लिया गया था। गवर्निंग काउंसिल में खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव और खान निदेशक अध्यक्ष व सचिव के रूप में शामिल थे।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ