बीकानेर: खाद्य विभाग की रेड के बाद जागा पीबीएम प्रशासन, हुआ ये चौंकाने वाला खुलासा
बीकानेर: खाद्य विभाग की रेड के बाद जागा पीबीएम प्रशासन, हुआ ये चौंकाने वाला खुलासा
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल की मुख्य रसोई की बदहाली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में खुली पोल के बाद भी अस्पताल प्रशासन की नींद पूरी तरह नहीं खुली थी। बुधवार को जब पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बीसी घीया अचानक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां के हालात देखकर वे खुद हैरान रह गए। जहां रोजाना करीब 1,500 भर्ती मरीजों के लिए भोजन तैयार होता है, वहां चारों तरफ गंदगी और कबाड़ का अंबार लगा मिला। डॉ. बीसी घीया जब डॉ. विवेक सामोर के साथ निरीक्षण करने पहुंचे, तो रसोई के एक कमरे में खाली कार्टन, पुराने कट्टे और खाली पीपे भरे पड़े थे। जिस जगह मरीजों का खाना तैयार होता है, वहां साफ-सफाई का नामो-निशान नहीं था।
अव्यवस्था और लापरवाही देखकर अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया है। वर्तमान में रसोई संचालन के लिए 3 नर्सिंग ऑफिसर और 5 ठेके के कर्मचारी तैनात हैं। अधीक्षक ने इस पूरी अव्यवस्था के लिए पूरे स्टाफ को जिम्मेदार मानते हुए रसोई का पूरा स्टाफ बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पीबीएम की रसोई पर औचक छापेमारी की थी। जांच में पाया गया था कि मरीजों को दी जाने वाली दालों, तेल और दलिया पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं थी। मसालों की क्वालिटी भी बेहद घटिया पाई गई थी। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह था कि अस्पताल प्रशासन के पास फूड सेफ्टी एक्ट के तहत रसोई चलाने का लाइसेंस ही नहीं था। फजीहत के बाद अब जाकर पीबीएम प्रशासन ने फूड लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
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