नहीं छोडऩे के आदेश पर जताई आपत्ति, दिशा निर्देश जारी करने की मांग
शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश में मुख्यालय नहीं छोडऩे के आदेश पर जताई आपत्ति, दिशा निर्देश जारी करने की मांग
बीकानेर। मई-जून 2026 में आयोजित होने वाली प्रतियोगी एवं सार्वजनिक परीक्षाओं के सफल संचालन को लेकर जारी मुख्यालय परित्याग संबंधी निर्देशों पर शिक्षकों ने व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए सरकार से राहत की मांग की है। रीवा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा एवं निदेशक, माध्यमिक शिक्षा को ज्ञापन भेजकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठाई है।ज्ञापन में बताया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक, बीकानेर द्वारा 14 मई 2026 को जारी आदेश में निर्देश दिए गए थे कि मई-जून 2026 में आयोजित प्रतियोगी एवं सार्वजनिक परीक्षाओं के सफल संचाल के लिए कोई भी संस्था प्रधान अथवा राजकीय कार्मिक पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़े। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कोई कार्मिक सक्षम स्तर से अनुमति लेकर बाहर गया हो तो संबंधित संस्था प्रधान वैकल्पिक कार्मिक की उपलब्धता सुनिश्चितकरें।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह आदेश सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य जिलों में भी लागू किया जा रहा है, जिससे शिक्षकों को मुख्यालय छोडऩे की अनुमति मिलना बेहद कठिन हो गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के वर्षों से स्थानांतरण नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक अपने गृह जिलों से दूर कार्यरत हैं और कई शिक्षकों ने ग्रीष्मावकाश से पूर्व ही यात्रा टिकटें बुक कर रखी हैं।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सभी कार्मिकों पर एक समान शर्त लागू करने से संस्था प्रधान और शिक्षक असमंजस की स्थिति में हैं, क्योंकि किसी भी विद्यालय को पहले से यह अनुमान नहीं होता कि भविष्य में कितने पर्यवेक्षक या वीक्षक की आवश्यकता पड़ेगी और कितने शिक्षकों की ड्यूटी लग सकती है।शिक्षकों ने सुझाव दिया है कि संभावित परीक्षा ड्यूटी को ध्यान में रखते हुए 5 प्रतिशत रिजर्व कार्मिक रखते हुए मुख्यालय पर रहने वाले कर्मचारियों की समय-सीमा तय की जाए। साथ ही संस्था प्रधानों को निर्धारित सीमा के भीतर अनुमति देने अथवा नहीं देने का अधिकार दिया जाए, ताकि प्रत्येक कार्मिक के लिए अलग से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अनुमति लेने की बाध्यता समाप्त हो सके।
ज्ञापन में यह मांग भी की गई कि जो शिक्षक ग्रीष्मावकाश के दौरान मुख्यालय पर उपलब्ध रहेंगे, उन्हें राजस्थान सेवा नियम के नियम 92 (बी) के तहत उपार्जित अवकाश (पीएल) का लाभ दिया जाए।शिक्षक संगठन ने सरकार से आग्रह किया है कि परीक्षाओं के सुचारु संचालन के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के वैधानिक अवकाश अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित की जाए।
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