रक्षाबंधन पर इस बार नहीं रहेगा भद्रा का साया, बहने इस समय बांध सकेंगी राखी
रक्षाबंधन पर इस बार नहीं रहेगा भद्रा का साया, बहने इस समय बांध सकेंगी राखी
बीकानेर। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर शतभिषा नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
पं. हरिनारायण व्यास ‘मन्नासा’, ज्योतिर्विद के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को रात 9:10 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:49 बजे तक रहेगी। 28 अगस्त को उदयकालीन पूर्णिमा होने के कारण स्नान-दान और रक्षाबंधन का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा।
इस बार भद्रा का नहीं रहेगा साया
रक्षाबंधन पर इस बार बहनों को भद्रा के कारण राखी बांधने के लिए शाम तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 28 अगस्त को भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा, ऐसे में बहनें सुबह से ही भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी।
रक्षाबंधन के दिन बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करेंगी। वहीं भाई बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट करेंगे।
भारत में दिखाई नहीं देगा चंद्रग्रहण
रक्षाबंधन को लेकर लोगों में इस बार चंद्रग्रहण को लेकर भी भ्रम बना हुआ है। ज्योतिर्विद के अनुसार 28 अगस्त को लगने वाला खंड चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका भारत में रक्षाबंधन पर्व पर कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा।
भारतीय मानक समय के अनुसार चंद्रग्रहण का प्रारंभ सुबह 8:04 बजे और मोक्ष सुबह 11:22 बजे होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और पर्व सामान्य रूप से मनाया जाएगा।
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