Khulasa Online
TM Jewellers
Suhag
BANSAL 2
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
KHAOSA

बीकानेर में प्रदूषण पर एनजीटी सख्त, 21 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के नोटिस; 3 सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश

Bansal
6 hours ago
बीकानेर में प्रदूषण पर एनजीटी सख्त, 21 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के नोटिस; 3 सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश


बीकानेर में प्रदूषण पर एनजीटी सख्त, 21 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के नोटिस; 3 सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश
बीकानेर. जिले के खारा गांव और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण और इससे लोगों की सेहत पर पड़ रहे असर को लेकर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने सख्ती दिखाई है। न्यायाधिकरण ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाकर तीन सप्ताह में अनुपालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से बताया गया कि 21 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के नोटिस जारी किए है। वहीं, चिकित्सा विभाग के सर्वेक्षण में 694 घरों के सर्वे के दौरान 121 लोगों में श्वसन संबंधी बीमारियों के लक्षण सामने आने की जानकारी दी गई।
पौधरोपण और संरक्षण के निर्देश
एनजीटी ने क्षेत्र में पर्यावरणीय मानकों की पालना सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। न्यायाधिकरण ने जरूरत के अनुसार पर्याप्त पौधरोपण कराने और लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही, पौधों के जीवित रहने और उनके संरक्षण से जुड़े मानकों की पालना सुनिश्चित करने को कहा।
यह मामला राम सिंह खारा के पत्र के आधार पर एनजीटी की ओर से स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज किया गया था।  प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों की चिंताओं और कुछ परिवारों की ओर से बच्चों को स्कूल नहीं भेजने के फैसले को प्रमुखता से उठाया गया था। सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ता के अधिवक्ता ने भी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण और इससे मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की आशंका जताई।
18 दिसंबर को अगली सुनवाई
एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ, भोपाल में 26 अक्टूबर को न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति श्योकुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने सुनवाई कर जवाब पेश नहीं करने वाले प्रतिवादियों को 3 सप्ताह का समय दिया है। वहीं, खारा औद्योगिक क्षेत्र (ग्रोथ सेंटर) की औद्योगिक इकाइयों की ओर से अधिवक्ता ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा। इस पर पीठ ने दो सप्ताह की मोहलत दी। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: