राजस्थान में समय से पहले दस्तक देगा मानसून! जुलाई में अल-नीनो दिखाएगा असर
राजस्थान में समय से पहले दस्तक देगा मानसून! जुलाई में अल-नीनो दिखाएगा असर
जयपुर। राजस्थान में इस बार दक्षिण पश्चिमी मानसून को लेकर बुरी खबर सामने आ रही है। बीते दो तीन वर्ष से प्रदेशभर में मानसून सीजन में जमकर बरसी बारिश इस साल कम रहने के संकेत सामने आए हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार दक्षिण पश्चिमी मानसून की राजस्थान में तय समय सीमा में एंट्री होने की उम्मीद है। वहीं जुलाई में अलनीनो सक्रिय होने पर इसका प्रभाव प्रदेश में मानसून सीजन पर पडऩे की आशंका है। ढ्ढरूष्ठ दिल्ली केंद्र ने बीते 13 अप्रेल को जारी मानसून पूर्वानुमान में इस बार सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई है।
मानसून की समय से पहले दस्तक संभव
उत्तर भारत की ओर तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहे मानसून के कारण, राजस्थान में भी दक्षिण पश्चिमी मानसून की एंट्री जून के आखिरी सप्ताह या सामान्य से कुछ दिन पहले तक होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने इस बारे में आगामी अपडेट जारी नहीं किए हैं। बीते वर्ष भी मानसून की प्रदेश में एंट्री तय वक्त से पहले हुई थी और सीजन में औसत से ज्यादा बारिश भी दर्ज की गई।
अलनीनो बन सकता है विलेन
आइएमडी ने इस वर्ष राजस्थान में कम बारिश की आशंका को लेकर अल नीनो इफेक्ट को जिम्मेदार माना है। जिसके कारण न केवल प्रचंड गर्मी पड़ेगी बल्कि बारिश भी कम होगी। आइएमडी के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के बीच अल नीनो की तटस्थ स्थितियां रहने की प्रबल आशंका है। जुलाई माह से दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अला नीनो की मजबूत स्थितियों के आसार है। इसी के कारण कमजोर मानसून की आशंका ज्यादा है। (आइएमडी) के प्रमुख मृत्युंजया मोहपात्र का कहना है कि अप्रैल से जून तक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन इसके बाद मानसून के दौरान अल नीनो का प्रभाव इसे कमजोर करेगा।
मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के प्रमुख मृत्युंजया मोहपात्र के अनुसार जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल मानसूनी बारिश दीर्घकालीन औसत (एलपीए) का करीब 92 प्रतिशत यानी सामान्य से कम रहने का अनुमान है। एलपीए के 90-95त्न के बीच वर्षा को सामान्य से कम माना जाता है।
सामान्य से कम बारिश की आशंका
मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली ने इस बार राजस्थान में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई है। केंद्र की ओर से बीते 13 अप्रैल को जारी पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में सामान्य बारिश होने और प्रदेश के पूर्वी इलाकों में सामान्य से कम बारिश की संभावना है। राजस्थान में 1971-2020 की अवधि के आंकड़ों के आधार पर मानसून का एलपीए सामान्यत: 435.6 मिमी से लेकर 500 मिमी के आसपास माना जाता है।
राजस्थान में पिछले 2 साल से मानसून मेहरबान
प्रदेश में दक्षिण पश्चिमी मानसून 2024 के दौरान सामान्य (रुक्क्र) से 156 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की थी। जबकि 2025 में भी मानसून के दौरान 435.6 मिमी के सामान्य के मुकाबले 715.2 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य का 164 प्रतिशत थी।
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