बीकानेर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गोल्ड लोन के जरिए साइबर ठगी की रकम खपाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
बीकानेर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गोल्ड लोन के जरिए साइबर ठगी की रकम खपाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
बीकानेर। बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगी से हासिल करोड़ों रुपये को गोल्ड लोन के जरिए बैंकिंग सिस्टम में वैध दिखाकर ठिकाने लगा रहा था। पुलिस का दावा है कि यह देश की पहली ऐसी कार्रवाई है, जिसमें साइबर ठगी की रकम को मणप्पुरम फाइनेंस के ऑनलाइन गोल्ड लोन सिस्टम के माध्यम से खपाने के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम जयपुर द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर शील्ड' और 'ऑपरेशन म्युल हंटर' अभियान के तहत की गई। बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश, एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन तथा एएसपी शहर चक्रवती सिंह राठौड़ के सुपरविजन में साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार सर्वटा और उनकी टीम ने यह सफलता हासिल की।
पुलिस ने सुनील ज्याणी (35) पुत्र रोशनलाल विश्नोई निवासी मिठडिय़ा, थाना बज्जू को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह साइबर ठगी करने वाले गिरोह के साथ मिलकर ठगी की राशि को गोल्ड लोन खातों के जरिए बैंकिंग सिस्टम में वैध रूप से ट्रांसफर कर कमीशन हासिल करता था।
ऐसे करता था ठगी की रकम को 'सफेद'
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले अपने या अन्य लोगों के नाम पर मणप्पुरम फाइनेंस से सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेता था। लोन की राशि उनके वैध बैंक खातों में जमा हो जाती थी। इसके बाद देशभर में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, पुलिस या सरकारी एजेंसी बनकर लोगों से साइबर ठगी की जाती थी। ठगी से मिली रकम सीधे किसी बैंक खाते में रखने की बजाय मणप्पुरम फाइनेंस के ऑनलाइन गोल्ड लोन (ओजीएल) एप पर जमा कर गोल्ड लोन का भुगतान कर दिया जाता था। लोन चुकाने के बाद गिरवी रखा सोना छुड़ा लिया जाता या दोबारा उसी सोने पर नया लोन ले लिया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में ठगी की रकम बैंकिंग सिस्टम में वैध लेन-देन जैसी दिखाई देती थी, जिससे पुलिस के लिए रकम को ट्रैक करना और फ्रीज करना बेहद मुश्किल हो जाता था।
मुखबिर की सूचना से खुला राज
साइबर थाना पुलिस को इस नेटवर्क की सूचना मुखबिर से मिली। इसके बाद बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में पता चला कि साइबर ठगी की बड़ी राशि मणप्पुरम फाइनेंस के गोल्ड लोन खातों में जमा कर लोन चुकाया जा रहा है। पुलिस ने मणप्पुरम फाइनेंस और संबंधित बैंकों से रिकॉर्ड जुटाकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने गिरोह के तौर-तरीकों का खुलासा किया।
56 ग्राम सोने पर लिया लोन, छह बार चुकाया ठगी के पैसों से
पुलिस के अनुसार आरोपी ने 56 ग्राम सोने के बदले छह बार गोल्ड लोन लिया और साइबर ठगी से प्राप्त करीब 25 लाख रुपये गोल्ड लोन खातों में जमा कर अपने बैंक खातों में राशि प्राप्त की। आरोपी से पूछताछ के दौरान एक स्विफ्ट कार तथा साइबर अपराध में प्रयुक्त तीन महंगे मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
देशभर में दर्ज हैं शिकायतें
जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति से निवेश के नाम पर करीब पांच लाख रुपये की ठगी तथा एक वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट कर डेढ़ करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले भी सामने आए हैं। पुलिस अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी जानकारी जुटा रही है।
शराब कारोबार के बैंक खाते का भी इस्तेमाल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पार्टनरशिप में बीकानेर शहर में चार तथा कोलायत में तीन, कुल सात शराब की दुकानों का संचालन करता है। उसने 'फर्म मातेश्वरी' के नाम से बैंक खाता खुलवा रखा था, जिसमें साइबर ठगी से जुड़ी राशि प्राप्त की जाती थी। आरोपी के अन्य साझेदारों और उनके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
बीकानेर पुलिस की आम जनता से अपील
बीकानेर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर या लालच में आकर अपने नाम से बैंक खाता या गोल्ड लोन खाता न खुलवाएं। ऐसा करना साइबर अपराधियों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का माध्यम बन सकता है और संबंधित व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकता है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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