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कोटगेट पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे पर मारा छापा, करोड़ों रुपये की खाईवाली बुकी को किया गिरफ्तार

Bansal sadi
6 hours ago
कोटगेट पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे पर मारा छापा, करोड़ों रुपये की खाईवाली बुकी को किया गिरफ्तार


कोटगेट पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे पर मारा छापा, करोड़ों रुपये की खाईवाली बुकी को किया गिरफ्तार
बीकानेर ।कोटगेट थाना क्षेत्र की केईएम रोड स्थित एक मकान में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पकड़ा गया है। पुलिस ने मौके से सट्टे की सट्टे कर रहे बुकी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने मामले की छानबीन की तो चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि गंगाशहर निवासी बुकी कन्हैया कुमार अनजान लोगों की आईडी पर जारी सिम कार्डों और धोखाधड़ी से प्राप्त बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) का उपयोग सट्टे के ऑनलाइन लेन-देन के लिए कर रहा था। कंप्यूटर और संचार तंत्र का दुरुपयोग कर डिजिटल जालसाजी करने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और जुआ अध्यादेश के साथ-साथ आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कोटगेट पुलिस थाने के एसएचओ विक्रम तिवाड़ी ने बताया कि एसपी से सर्च वारंट लेकर केईएम रोड पर पारीक क्वार्टर्स के पास स्थित सुमित गुप्ता के मकान पर छापा मारा। मौके पर कन्हैया कुमार एक विशेष वेब पैनल पोर्टल पर आईडी कुनू1 के माध्यम से अलग-अलग खेलों पर सट्टे की ऑनलाइन बुकिंग और हार-जीत का हिसाब संभाल रहा था।
छानबीन की तो सामने आया कि आरोपी ने तकनीक का दुरुपयोग कर कई लोगों को जोड़ रखा था और दांव पर लगी रकम का विड्राल व डिपॉजिट ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से किया जा रहा था। आरोपी के पास से बरामद चार एंड्रॉयड फोन में लगी सिम अन्य लोगों के नाम पर जारी पाई गईं, जिन्हें उनकी बिना सहमति के उपयोग में लिया जा रहा था। इन सिम नंबरों से लिंक बैंक खातों के माध्यम से सट्टे की भारी रकम का डिजिटल ट्रांसफर किया जा रहा था। खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी और साइबर उपकरणों के कपटपूर्ण इस्तेमाल के मामले में आईटी एक्ट की धारा 66(डी) जोड़ी गई है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हिसाब-किताब की डायरियां जब्त
पुलिस ने मौके से 1 एचपी लैपटॉप मय चार्जर, 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 4 चार्जर, 2 लाइट प्लग प्लेट, लैपटॉप बैग और हिसाब-किताब की 2 रजिस्टर/डायरियां जब्त की हैं। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप स्क्रीन पर ही 90,620 रुपये का टोटल डिपॉजिट, 67,000 रुपये का विड्राल और 23,620 रुपये का दैनिक प्रॉफिट दर्ज मिला। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सटोरियों और बैंक खाता मुहैया कराने वाले नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।

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