Khulasa Online
Breaking
• बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

जादू नहीं विज्ञान है...चमत्कार के पीछे होता है विज्ञान का लॉजिक

rk
2 weeks ago
जादू नहीं विज्ञान है...चमत्कार के पीछे होता है विज्ञान का लॉजिक

जादू नहीं विज्ञान है...चमत्कार के पीछे होता है विज्ञान का लॉजिक

एस के डी युगांतर मॉडर्न स्कूल में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को रोचक और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया । सुप्रसिद्ध एवम् राष्ट्रपति से" नेशनल टीचर अवार्ड" प्राप्त विज्ञान शिक्षक दीपक जोशी ने विज्ञान के 20+ प्रयोग कर विद्यार्थियों को वैज्ञानिक रसायनों के मिश्रण से होने वाले रोचक प्रयोगों का प्रत्यक्ष अनुभव किया । जिसमें कानकेव लेंस से बनने वाले प्रतिबिंब,फायर सेंसर, न्यूटन डिस्क, कैमिकल केमिलोन ,ज्वालामुखि विस्फोट के साथ साथ गैस बलून बनाने एवम् उसके नुकसान के बारे में बताया। अनूठे स्वनिर्मित माइक्रोस्कोप से विद्यार्थियों को उनके गंदे हाथों में जो कीटाणु उत्पन्न होते है वे दिखाए। चमत्कार के पीछे छुपे विज्ञान की जानकारी देते हुए दीपक जोशी ने पोटेशियम और ग्लीसरीन के मिश्रण से उत्पन्न हुई अग्नि का राज खोला।

बच्चे आश्चर्यचकित होकर विज्ञान को प्रत्यक्ष रूप से प्रमाणित होते हुए देख रहे थे।

 इस अनूठे आयोजन में बच्चों ने न केवल प्रयोग देखे, बल्कि स्वयं करके वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा ।यह कार्यशाला विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और विज्ञान को रटने के बजाय 'करके सीखने' के लिए प्रोत्साहित करने वाली रही, इन प्रयोगों से बच्चों में जिज्ञासा और रचनात्मकता में वृद्धि होती है।

शिक्षकों ने बच्चों को इन प्रयोगों को विज्ञान प्रदर्शनी के लिए बेहतरीन प्रोजेक्ट्स के रूप में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

यह आयोजन बच्चों को यह समझाने में सफल रहा कि विज्ञान न केवल किताबी ज्ञान है, बल्कि हमारे आसपास की दुनिया का एक रोमांचक हिस्सा है। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रभारी ऋतु शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सत्र रोचक जानकारियों से भरपूर था। शाला प्रभारी अंजू तिवारी ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: