आत्महत्या के प्रकरण में परिजनों ने सुसाइड नोट में लिखे नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं होने तक शव नहीं उठाने को लेकर लगाया धरना
आत्महत्या के प्रकरण में परिजनों ने सुसाइड नोट में लिखे नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं होने तक शव नहीं उठाने को लेकर लगाया धरना
बीकानेर। शुक्रवार शाम को व्यास कॉलोनी पुलिस थाना क्षेत्र में एक 50 वर्षीय व्यक्ति मदन दास सुसाइड प्रकरण में परिजनों व समाज के लोगों ने अपनी मांग को लेकर पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना लगाया है। धरनार्थियों की मांग है कि एफआईआर में नामजद आरोपियों को पुलिस तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार करे, उसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। फिलहाल शव पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। प्रकरण में एक महिला सहित उसके परिवार के लोगों पर ब्लैकमेल कर परेशान करने का आरोप है।
यह है मामला
ग्राम दुदावास निवासी 43 वर्षीय शिवकरण दास ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके बड़े भाई मदन दास, जो वर्तमान में बीकानेर की सुरजपुरा कॉलोनी में निवास कर रहे थे, 10 अप्रैल को हरियाणा से लौटे थे। उसी दौरान उन्होंने अपने परिचितों को घर बुलाया और किरायेदार से मकान खाली कराने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि इसी दौरान मकान की पहली मंजिल पर रह रही किरायेदार महिला सत्तासर निवासी राधा सिहाग और उसके परिजनों ने कथित रूप से गाली-गलौच करते हुए धमकी दी और मारपीट की। आरोप है कि राधा देवी ने कहा कि वह किसी भी सूरत में मकान खाली नहीं करेगी और जबरदस्ती मकान खाली करवाएंगे तो झुठा बदनाम कर देगी, जिसके लिए उसके पास वीडियो पड़े है, जिनको वायरल कर बदनाम कर देगी। इस विवाद के बढऩे पर मदन दास एक कमरे में चले गए, जहां बाद में उन्हें फंदे से लटका हुआ पाया गया।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे परिचितों ने उन्हें नीचे उतारकर सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और परिचितों की मदद से मदन दास को पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतक के पास से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें कुछ लोगों पर मानसिक प्रताडऩा और आर्थिक लेन-देन के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
एफआईआर में परिवादी ने आरोप लगाया है कि पिछले कई वर्षों से उसके भाई मदन दास को राधा सिहाग, उसके पिता ओमप्रकाश सिहाग, उसके भाई नरू व अन्य लोग एक सुनियोजित तरीके से ब्लैकमेल किया जा रहा था, जिससे मदन दास मानसिक रूप से परेशान था। परिवादी ने एफआईआर में आरोप लगाया कि राधा देवी ने उसके भाई के पैसों से अपने स्वयं के गांव में मकान बनवा लिया, अपने पिता को ट्रैक्टर दिलवाया, बड़े भाई को बड़ी गाड़ी दिलवा दी तथा राधा ने मदन दास से 60 लाख रुपए नकद ले रखे थे। परिवादी का आरोप है कि राधा देवी उसके भाई मदन दास को ब्लैकमेल कर समय-समय पर पैसे ऐंठती थी।
पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर राधा देवी पुत्री ओमप्रकाश सिहाग, रुखमनी उर्फ कालकी, नारायण सिहाग उर्फ नरू, ओमप्रकाश व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। जिसकी जांच उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह कर रहे हैं।
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