हाईकोर्ट ने दिये नारी निकेतन में आश्रय का आदेश
(संचालिका ने कि मानवता की मिसाल कायम )
रिन्यू मल्टी स्पेशलिस्ट क्लिनिक की संचालिका डाॅ शाहिन्दा कादरी ने अपनी कार्मिक को उसके पति व ससुराल वालो द्वारा शुभम गार्डन सार्दुलगंज के सामने से दिनांक 03.02.2026 को अपहरण कर पिड़िता निधी नरवाल के पानीपत हरियाणा मललूण्डा तहसील वाईसर गाॅव में अनाधिकृत रूप से निरूद्व कर उसे जान से मारने की नियत से लगातार नशीली दवाईया पिलाकर चोटिल कर आहत किया जिस पर डाॅ शाहिन्दा कादरी ने माननीय उच्च न्यायालय में पीटिशन प्रस्तुत की जिस पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पुलिस आयुक्त जोधपुर को इस अमर का आदेश फरमाया कि भगवाईया निधी नरवाल को यात्रा के दौरान संभावित पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हूए जोधपुर से बीकानेर नारी निकेतन भेजे वहाॅ पहुचने के उपरान्त पीड़िता निधी नरवाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक बीकानेर द्वारा संभाली जयेगी। इस आशय का आदेश प्रदत किया।
संक्षेप में प्रकरण के तथ्य इस प्रकार है -ः
कि पीडिता निधी नरवाल पत्नी प्रदीप नरवाल जाति नरवाल (जाट) निवासी ग्राम वाईसर तहसील मललूण्डा जिला पानीपत (हरियाणा) विगत एक वर्ष से डाॅ शाहिन्दा कादरी की क्लीनिक रिन्यू मल्टी स्पेशलिस्ट क्लिनिक वाके टीई/1सार्दुलगंज शुभम गार्डन के सामने बीकानेर में पार्ट टाईम में सहायका के रूप में कार्यरत थी भगवईया निधी नरवाल का पति लगातार प्रार्थीया के साथ शारीरीक व मानसिक क्रुरता कारित करता था जिसका विरोध करने पर निधी नरवाल को जान से खत्म करने के आशय से अपने पिता व अपराघिक असंगठित गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर एक आपराधिक षड़यत्र की व्यूह रंचना कारित कर निधी नरवाल को दिनांक 03.02.2026 को शुभम गार्डन के पास क्लिनिक के आगे से जबरीया चाकू की नोक पर अपहरण कर पीड़िता को पानीपत हरियाणा ले जाकर एक कमरे में रस्सीयों से बांधकर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ मृत्यु तुल्य यातनाये कारित की संचालिका डाॅ शाहिन्दा कादरी को जरिये मैसेज व विडियो क्लीप उसे वहाॅ से छुडाकर उसकी जान बचाने की गूहार लगाकर कई मर्तबा पीड़िता द्वारा अपील की जिस पर रिन्यू मल्टी स्पेशलिस्ट क्लिनिक की संचालिका डाॅ शाहिन्दा कादरी ने मानवीय मुल्यों की मिसाल कायम करते हूए अपने अधिवक्तागण गोपाल लाल हर्ष व निमिषा शर्मा के मार्फत धारा 97 जाब्ता फौजदारी बाबत गलत तरीके से पीड़िता को बंद करके रखे जाने से मुक्त करवाये जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जिसे ए.डी.एम सिटी बीकानेर द्वारा पारिवारिक मामला मानते हूए अस्वीकार फरमाया उक्त आदेश के विरूद्व डाॅ शाहिन्दा कादरी द्वारा अपने अधिवक्ता मुकेश हर्ष के साथ उच्च न्यायालय की शरण ली पूर्व में पीड़िता निधी नरवाल आरोपीगण के चुंगल से जैसे तैसे करके बीकानेर आई और अपनी संचालिका डाॅ शाहिन्दा कादरी के पास अपनी जानमान की सुरक्षा हेतु आने पर डाॅ शाहिन्दा कादरी पीड़िता निधी नरवाल के साथ 01.04.2026 को माननीय उच्च न्यायालय में उपस्थित हूए और अपनी व्यथा बताई जिस पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इस अमर का आदेश फरमाया की निधी नरवाल को नारी निकेतन बीकानेर सुरक्षित रूप से अभिरक्षा में रहने के लिए भेजा जाये क्योकि उसके पास बीकानेर में रहने के लिए कोई स्थान नही है तथा वह नारी निकेतन में रहकर आरोपीगण के विरूद्व और आगे की विधिक कार्यवाही कर सके।
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