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हादसे में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को मिलेंगे 77 लाख रुपये

rk
6 hours ago
हादसे में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को मिलेंगे 77 लाख रुपये


हादसे में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को मिलेंगे 77 लाख रुपये
बीकानेर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, न्यायाधीश अनवर अहमद चौहान ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सडक़ हादसे में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को 77.06 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि दुर्घटना के समय ट्रक का बीमा (इंश्योरेंस) नहीं था, इसलिए पूरी मुआवजा राशि ट्रक मालिक और चालक को स्वयं चुकानी होगी।मामले के अनुसार 17 मार्च 2022 की रात करीब 10:30 बजे कन्हैयालाल कार से अपने गांव लौट रहे थे। जामसर क्षेत्र के पास सामने से आ रहे ट्रक-ट्रेलर ने कथित रूप से तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी कार को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कन्हैयालाल की मौके पर ही मौत हो गई।मृतक की पत्नी शोभा देवी और अन्य आश्रितों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजे के लिए याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, एफआईआर, चार्जशीट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। अधिकरण ने पाया कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई थी।सुनवाई में यह तथ्य भी सामने आया कि दुर्घटना के समय संबंधित ट्रक-ट्रेलर का कोई वैध बीमा नहीं था। इसी कारण अधिकरण ने बीमा कंपनी को मामले से अलग कर दिया और मुआवजा राशि की जिम्मेदारी सीधे ट्रक मालिक और चालक पर डाल दी।रिकॉर्ड के अनुसार कन्हैयालाल राजस्थान सरकार के आयुर्वेद विभाग में परिचारक (अटेंडेंट) के पद पर कार्यरत थे। उनकी मासिक आय करीब 34,613 रुपये थी। अधिकरण ने उनकी आय, उम्र, भविष्य की आय संभावनाओं और परिवार के आश्रित सदस्यों को ध्यान में रखते हुए कुल 77,06,380 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।अधिकरण ने आदेश दिया कि यह राशि 25 अगस्त 2022 से भुगतान की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा की जाएगी। साथ ही स्पष्ट किया कि बीमा नहीं होने के कारण मुआवजा राशि की वसूली सीधे ट्रक मालिक और चालक से की जाएगी। मृतक के परिवार की ओर से पैरवी अधिवक्ता ओम बिश्नोई ने की।

 

Sanskar
BC

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