Khulasa Online
Breaking
• राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान!
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair
Aniversary

हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत

rk
1 month ago
हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत

हरीश राणा का निधन, 13 साल से थे कोमा में; इच्छामृत्यु के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इजाजत

गाजियाबाद के हरीश राणा का आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे बीते 13 साल से कोमा में थे। देश के सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों उन्हें इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। हरीश राणा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (आईआरसीएच) में भर्ती थे। 

उन्हें उपशामक देखभाल वार्ड में रखा गया था। अस्पताल में एक हफ्ते से उनकी गहन निगरानी जारी थी। 23 मार्च को डॉक्टरों ने बताया था। उन्हें कुछ दिन और निगरानी में रखा जा सकता है। वे पिछले एक सप्ताह से बिना खाना और पानी के जीवित थे। यह प्रक्रिया छह दिनों से चल रही थी। इस दौरान उनके माता-पिता किसी चमत्कार का इंतजार कर रहे थे।

बेटे के निधन से पहले मां की प्रार्थना
हरीश की मां अस्पताल के गलियारे में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रही थीं। बेटे के निधन से पहले मां ने भावुक होकर अपनी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा सांस ले रहा है। उसकी धड़कन अभी भी चल रही है। मां ने यह भी कहा कि वह मुझे छोड़कर जा रहा है।

इच्छामृत्यु की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा इच्छामृत्यु की इजाजत मिलने के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई थी। हरीश राणा 13 साल से कोमा में थे। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही थी। एक सप्ताह तक बिना भोजन और पानी के रहने के बाद उनका निधन हुआ। यह एक जटिल और संवेदनशील मामला था।

यह है मामला
जुलाई 2010 में हरीश ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। वर्ष 2013 में वह अंतिम वर्ष के छात्र थे। इसी दौरान अगस्त 2013 में रक्षाबंधन वाले दिन बहन से मोबाइल फोन पर बात करते हुए पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल हरीश को तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। बाद में दिसंबर 2013 में उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह क्वाड्रिप्लेजिया से ग्रसित है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: