47वें राज्य स्तरीय त्वचा रोग विशेषज्ञ सम्मेलन का भव्य शुभारंभ, नौ चिकित्सकों को विभिन्न पुरस्कारों से किया सम्मानित
47वें राज्य स्तरीय त्वचा रोग विशेषज्ञ सम्मेलन का भव्य शुभारंभ, नौ चिकित्सकों को विभिन्न पुरस्कारों से किया सम्मानित
बीकानेर। पधारो म्हारे देश की परंपरागत मेहमाननवाजी और चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच बीकानेर में भारतीय चर्म, रति एवं कुष्ठ रोग विशेषज्ञ संगठन के 47वें राज्य स्तरीय दो दिवसीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। त्वचा आरोग्य सेवा न्यास के संयोजन में 24 और 25 अक्टूबर को जयपुर-जोधपुर बाईपास स्थित गणेशम रिसॉर्ट में आयोजित इस सम्मेलन में राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 450 से अधिक त्वचा रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नौ चिकित्सकों को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वहीं, त्वचा के स्वास्थ्य और देखभाल पर आधारित पुस्तक च्स्किन कंपासज् का विमोचन भी किया गया।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश माथुर तथा डॉ. यू.एस. अग्रवाल और डॉ. संजीव हांडा अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे वरिष्ठ चिकित्सकों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया। अतिथियों को साफा पहनाकर, पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा अंगवस्त्र ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। बीकानेर की आतिथ्य परंपरा और स्थानीय संस्कृति की झलक ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम में संगठन के संरक्षक डॉ. आर.ए. बंब, ढ्ढ्रष्ठङ्करु राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार कोठी वाला , सचिव डॉ. सुरेंद्र थालोर , मुख्य समन्वयक डॉ. आर.डी. मेहता, आयोजन अध्यक्ष डॉ. बी.सी. घिया, आयोजन सचिव डॉ. मोहित बंसल तथा वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रसून सोनी सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजन अध्यक्ष डॉ. बी.सी. घिया ने स्वागत उद्बोधन दिया और सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
नौ चिकित्सकों को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में त्वचा रोग चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवाचार, शिक्षण, शोध, विशेषज्ञता और दीर्घकालीन सेवाओं के लिए नौ चिकित्सकों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित चिकित्सकों में शामिल रहे—
1. डॉ. दिलीप कच्छावा — डर्मा इनोवेटर ऑफ द ईयर अवार्ड।
2. डॉ. विनोद जैन — टीचर ऑफ द ईयर इन डर्मेटोलॉजी अवार्ड।
3. डॉ. राजीव खुल्लर — ओरेशन अवार्ड।
4. डॉ. मनीषा निजहावन — डर्मा आइकॉन अवार्ड।
5. डॉ. मुकुल शर्मा — द डर्मेटोलॉजी मेस्ट्रो अवार्ड।
6. डॉ. एम.के. सिंघी — लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड।
7. डॉ. दीपक कुमार माथुर — लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड।
8. डॉ. आर.ए. बंब — बीकाणा डर्मा श्री अवार्ड।
9. डॉ. दिनेश माथुर — गुरु रत्न अवार्ड।
इन पुरस्कारों के माध्यम से त्वचा रोग चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्सकों की उल्लेखनीय उपलब्धियों, चिकित्सा शिक्षा, नवाचार, शोध और समाज के प्रति उनकी दीर्घकालीन सेवाओं को सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में उपस्थित चिकित्सकों ने सम्मानित विशेषज्ञों के योगदान की सराहना की।
च्स्किन कंपासज् पुस्तक का विमोचन
उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण डॉ. दिनेश माथुर के मुख्य संपादन में तैयार पुस्तक च्स्किन कंपासज् (आपकी त्वचा, आपका स्वास्थ्य) का विमोचन रहा। पुस्तक का उद्देश्य त्वचा के स्वास्थ्य, उसकी उचित देखभाल तथा त्वचा से संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। त्वचा रोगों की पहचान, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और त्वचा को स्वस्थ रखने के प्रति जागरूकता के महत्व को देखते हुए इस प्रकार की जानकारी को उपयोगी पहल के रूप में देखा गया।
लाइव प्रेजेंटेशन और कार्यशालाओं में साझा किया चिकित्सा ज्ञान
सम्मेलन के दौरान आयोजित वैज्ञानिक सत्रों, लाइव प्रेजेंटेशन और कार्यशालाओं में त्वचा रोग विशेषज्ञों ने विभिन्न त्वचा संबंधी बीमारियों, उनके लक्षणों, उपचार की आधुनिक पद्धतियों तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों और अंतरराष्ट्रीय स्तर से आए विशेषज्ञों ने प्रेजेंटेशन एवं पावरपॉइंट प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने अनुभव और शोध से जुड़ी जानकारियां साझा कीं।
वैज्ञानिक सत्रों में त्वचा रोगों के निदान, उपचार की नवीन तकनीकों, मरीजों की देखभाल तथा बदलती चिकित्सा पद्धतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने अपने अनुभवों के आधार पर बताया कि त्वचा रोगों के प्रभावी उपचार के लिए सही समय पर बीमारी की पहचान, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग और मरीजों को उचित परामर्श देना महत्वपूर्ण है।
कार्यशालाओं में चिकित्सकों को विभिन्न उपचार पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिला। इस दौरान विशेषज्ञों ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए, जिससे सम्मेलन में शामिल चिकित्सकों को नई जानकारियां प्राप्त करने और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों को समझने का अवसर मिला।
आधुनिक मशीनों और नई दवाओं का प्रदर्शन
सम्मेलन स्थल पर विभिन्न मेडिकल एवं चिकित्सा उपकरण कंपनियों की ओर से विशेष स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों में त्वचा रोगों के निदान और उपचार में उपयोग होने वाली आधुनिक मशीनों, उपकरणों तथा नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। कंपनी प्रतिनिधियों ने चिकित्सकों को उपकरणों की कार्यप्रणाली, उनकी उपयोगिता और उपचार में संभावित लाभों की जानकारी दी।
इसके अलावा विभिन्न फार्मास्युटिकल कंपनियों ने भी अपने स्टॉल लगाए, जहां त्वचा रोगों से संबंधित नई दवाओं, चिकित्सा उत्पादों और अन्य उपयोगी सामग्रियों के बारे में जानकारी दी गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से चिकित्सकों को बाजार में उपलब्ध नवीन चिकित्सा तकनीकों और उत्पादों से परिचित होने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों ने ऐसे आयोजनों को चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा मरीजों के बेहतर उपचार के लिए उपयोगी बताया। सम्मेलन में चिकित्सा उपकरणों और फार्मास्युटिकल उत्पादों से जुड़ी जानकारी के आदान-प्रदान ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देशभर से आए चिकित्सकों के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने का मंच
सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे चिकित्सकों ने बीकानेर में इस स्तर के आयोजन को अपने लिए एक अलग अनुभव बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सम्मेलन न केवल चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नए शोध और तकनीकी विकास की जानकारी देते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
सम्मेलन के माध्यम से त्वचा रोग चिकित्सा से जुड़े विशेषज्ञों को आपसी संवाद, नवीन उपचार पद्धतियों की जानकारी और वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान के लिए साझा मंच मिला। आयोजन ने बीकानेर को चिकित्सा जगत के महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक आयोजन के केंद्र के रूप में भी प्रस्तुत किया।
चिकित्सा जगत की भागीदारी से बीकानेर को मिली नई पहचान
दो दिवसीय सम्मेलन में पुरस्कार समारोह, पुस्तक विमोचन, वैज्ञानिक सत्रों, लाइव प्रेजेंटेशन, कार्यशालाओं और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की प्रदर्शनी के माध्यम से त्वचा रोग चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं को सामने लाया गया। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए चिकित्सकों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. मोहित बंसल ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों, सहयोगी संस्थाओं और आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के दूसरे दिन भी वैज्ञानिक सत्रों एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से त्वचा रोग चिकित्सा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा जारी रहेगी।
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