आज शराब से लेकर सिलेंडर तक, जानें क्या हुआ महंगा और क्या बदला
बीकानेर। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही राजस्थान में आमजन की जिंदगी से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर लोगों की जेब, यात्रा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ने वाला है। जहां एक ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर, नेशनल हाईवे टोल, शराब और पर्यटन महंगे हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी अस्पतालों के समय में भी परिवर्तन किया गया है।
सबसे पहले बात करें गैस सिलेंडर की तो आज से कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी की गई है। राजस्थान में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 195 रुपए तक का इजाफा हुआ है। राजधानी जयपुर में यह सिलेंडर अब 1911 रुपए से बढ़कर 2106 रुपए में मिल रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा देर रात की गई समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया। इसका सीधा असर होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ेगा, जिससे आम लोगों के लिए बाहर खाना और शादी समारोहों का खर्च बढ़ सकता है। साथ ही जेट फ्यूल के दामों में बढ़ोतरी से हवाई यात्रा भी महंगी होने की संभावना है।
इसके साथ ही प्रदेश में नेशनल हाईवे पर सफर करना भी महंगा हो गया है। राज्य के 170 से अधिक टोल प्लाजाओं पर टोल दरों में वृद्धि की गई है। हालांकि निजी कार चालकों को बड़ी राहत दी गई है और उनके लिए बढ़ोतरी सीमित रखी गई है, लेकिन भारी और कमर्शियल वाहनों के लिए 5 से 30 रुपए तक की वृद्धि की गई है। जयपुर रिंग रोड पर भी हल्के वाहनों के लिए दरें यथावत रखी गई हैं, जबकि भारी वाहनों पर 5 से 20 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इससे परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
वाहन चालकों के लिए एक और बदलाव सामने आया है। वार्षिक फास्टैग पास अब 3000 रुपए की जगह 3075 रुपए में मिलेगा। इस पास के जरिए एक साल में 200 बार टोल पार किया जा सकता है। कीमत में यह मामूली बढ़ोतरी भले ही छोटी लगे, लेकिन बड़े स्तर पर यह भी आम आदमी के खर्च को प्रभावित करती है।
राजस्थान में शराब की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। नई आबकारी नीति के तहत सभी श्रेणियों की शराब पर 5 प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाई गई है। इससे शराब उपभोक्ताओं को सीधा झटका लगा है। हालांकि इस फैसले से राज्य सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा, लेकिन आम जनता के खर्च में इजाफा तय है।
पर्यटन के क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व और रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघों का दीदार करना अब महंगा हो गया है। वन विभाग ने प्रवेश शुल्क, वाहन शुल्क और कैमरा फीस में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। ये नई दरें अगले दो वर्षों तक लागू रहेंगी। इसके अलावा सफारी के समय में भी बदलाव किया गया है। अब मॉर्निंग सफारी सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक और शाम की सफारी दोपहर 3 बजे से 6:30 बजे तक चलेगी। गर्मी बढ़ने के साथ 16 मई से शाम की सफारी का समय बढ़ाकर 7 बजे तक कर दिया जाएगा। जयपुर के आमेर में हाथी सवारी के समय में भी बदलाव किया गया है, जो अब सुबह 7 से 10:30 बजे तक रहेगा।
रेल यात्रियों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त कर दिए गए हैं। यात्रियों को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करनी होगी, तभी उन्हें रिफंड मिल सकेगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी। हालांकि बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा में राहत दी गई है, जिसे अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बदला जा सकता है। इन नियमों का उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी रोकना और ज्यादा यात्रियों को कंफर्म सीट उपलब्ध कराना है। लेकिन जो यात्री समय पर टिकट कैंसिल नहीं करेंगे, उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राजस्थान में पहली बार नया शिक्षण सत्र 1 अप्रैल से शुरू हुआ है और इसके साथ ही स्कूलों में ग्रीष्मकालीन समय लागू कर दिया गया है। एक पारी वाले स्कूल अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे, जबकि दो पारी वाले स्कूल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे। प्रत्येक पारी की अवधि साढ़े पांच घंटे की होगी। अप्रैल माह में कुल 23 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं, जिसमें रविवार और अन्य महत्वपूर्ण छुट्टियां शामिल हैं।
छोटे बच्चों को गर्मी से राहत देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब ये केंद्र सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुले रहेंगे। इससे बच्चों और कार्यकर्ताओं को गर्मी के प्रभाव से बचाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक कर दिया गया है। पहले यह समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक था। वहीं राजकीय अवकाश के दिन सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी संचालित होगी, इसके बाद इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से लागू हुए ये सभी बदलाव आम जनता के जीवन को सीधे प्रभावित करेंगे। जहां एक ओर कई जरूरी सेवाएं और सुविधाएं महंगी हुई हैं, वहीं समय में किए गए बदलाव लोगों को गर्मी से राहत देने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इन परिवर्तनों का असर लोगों की दिनचर्या और बजट दोनों पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।
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