बैंक लॉकर व बैक में जमा लाखों रुपये पर चार भाइयों का बराबर हक, कोर्ट ने सुनाया फैसला
बैंक लॉकर व बैक में जमा लाखों रुपये पर चार भाइयों का बराबर हक, कोर्ट ने सुनाया फैसला
बीकानेर। जिला न्यायालय ने स्वर्गीय देवकृष्ण हर्ष और उनकी पत्नी दुर्गादेवी हर्ष के बैंक लॉकर व जमा राशि को लेकर चल रहे मामले में अहम फैसला सुनाया है। न्यायाधीश अश्वनी विज ने आदेश दिया कि मृतक दंपत्ति की संपत्ति में उनके चारों बेटों को बराबर हिस्सा मिलेगा।मामले के अनुसार, देवकृष्ण हर्ष का निधन नौ नवंबर 2019 और दुर्गादेवी हर्ष का निधन 14 दिसंबर 2021 को हो गया था। उनके बाद परिवार में चार बेटे कमल किशोर हर्ष, विजय कुमार हर्ष, ओमप्रकाश हर्ष और सत्यनारायण हर्ष तथा एक बेटी इन्द्रा आचार्य थी। इन्द्रा आचार्य का पहले ही निधन हो चुका है, जिनके दो बच्चे हैं।मृतक दंपत्ति के नाम से भारतीय स्टेट बैंक, सिटी हॉस्पिटल के सामने स्थित शाखा में और कुछ एफडी व बचत खाते थे। बैंक में किसी को भी नॉमिनी नहीं बनाया गया था। ऐसे में लॉकर खोलने और जमा राशि प्राप्त करने के लिए परिवार को कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता पड़ी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि बैंक खातों और एफडी में करीब आठ लाख 52 हजार 631 रुपये जमा हैं, जबकि लॉकर में रखे सामान का मूल्यांकन करीब 60 लाख 17 हजार 760 रुपये किया गया है।कोर्ट ने कहा कि चारों बेटों कमल किशोर हर्ष, विजय कुमार हर्ष, ओमप्रकाश हर्ष और सत्यनारायण हर्ष को संपत्ति में एक-एक चौथाई हिस्सा दिया जाएगा। वहीं मृतक बेटी इन्द्रा आचार्य के बच्चों ने इस हिस्से को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई।कोर्ट ने आदेश दिया कि चारों भाई एक महीने के भीतर अपने-अपने हिस्से के अनुसार निर्धारित न्याय शुल्क जमा करें। इसके बाद उन्हें बैंक जमा राशि के लिए उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और लॉकर संचालित करने के लिए प्रशासन पत्र जारी किया जाएगा।
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