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बेसिक पी.जी. कॉलेज के विज्ञान संकाय में फील्ड प्रैक्टिकल प्रशिक्षण ने बढ़ाया विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

Bansal sadi
2 weeks ago
बेसिक पी.जी. कॉलेज के विज्ञान संकाय में फील्ड प्रैक्टिकल प्रशिक्षण ने बढ़ाया विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

बेसिक पी.जी. कॉलेज के विज्ञान संकाय में फील्ड प्रैक्टिकल प्रशिक्षण ने बढ़ाया विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

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बेसिक पी.जी. महाविद्यालय के विज्ञान संकाय के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा आज विभागीय संकाय सदस्यों सुश्री आकांक्षा सुथार एवं श्रीमती कामिनी व्यास के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों के लिए निकटवर्ती उद्यान कपिल आश्रम में एक दिवसीय फील्ड प्रैक्टिकल प्रशिक्षण सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में व्यवहारिक रूप से समझने एवं वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों से परिचित कराना था।

प्रशिक्षण के दौरान विज्ञान संकाय स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को विभिन्न पौधों की प्रजातियों की पहचान, उनके नमूनों का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण तथा हर्बेरियम निर्माण की व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने पौधों के नमूनों को एकत्रित करने, उन्हें वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संरक्षित करने तथा भविष्य के अध्ययन एवं अनुसंधान हेतु व्यवस्थित रूप से संकलित करने की तकनीकों का अभ्यास किया। इस अभ्यास से विद्यार्थियों की पौधों की विविधता के प्रति समझ विकसित हुई तथा उनकी वर्गीकरण संबंधी जानकारी और अधिक सुदृढ़ हुई। विज्ञान संकाय स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों ने वनस्पति पारिस्थितिकी के अंतर्गत क्वाड्रैट मेथड एक्सपेरिमेंट का सफलतापूर्वक संचालन किया। विद्यार्थियों ने निर्धारित क्षेत्र से फील्ड डेटा एकत्रित किया तथा वैज्ञानिक पद्धति के अनुसार फ्रीक्वेंसी, डेंसिटी एवं एबंडेंस जैसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय मापदण्डों की गणना करना सीखा। इस अभ्यास ने उन्हें वनस्पति समुदायों के विश्लेषण, जनसंख्या संरचना के अध्ययन तथा पारिस्थितिकीय अनुसंधान की व्यवहारिक तकनीकों से परिचित कराया।

इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि उच्च शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान कर उन्हें सक्षम, आत्मविश्वासी एवं अनुसंधानोन्मुख बनाना भी है। इस प्रकार के फील्ड प्रशिक्षण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हैं तथा उन्हें प्रकृति, पर्यावरण एवं जैव विविधता के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाते हैं।

महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के चेयरमेन श्री रामजी व्यास ने विज्ञान संकाय के वनस्पति विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अनुभवात्मक एवं कौशल-आधारित शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है। महाविद्यालय का सतत प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, नवाचार-आधारित एवं व्यवहारिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे प्रतिस्पर्धी एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। ऐसे फील्ड प्रैक्टिकल कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को फील्ड में वैज्ञानिक अवलोकन, सटीक डेटा संकलन तथा अनुसंधान संबंधी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वनस्पति विज्ञान के अध्ययन में फील्ड आधारित प्रशिक्षण का विशेष महत्व है, क्योंकि यह विद्यार्थियों को प्राकृतिक परिस्थितियों में पौधों के अध्ययन, उनकी पहचान एवं संरक्षण संबंधी व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है।

इस फील्ड प्रैक्टिकल गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को समृद्ध व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे उनकी सैद्धांतिक अवधारणाएँ और अधिक स्पष्ट एवं मजबूत हुईं। साथ ही, पौधों की पहचान, हर्बेरियम निर्माण, वैज्ञानिक डेटा संग्रहण तथा इकोलॉजिकल फील्ड स्टडीज़ से संबंधित उनके कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

वनस्पति विज्ञान विभाग का यह प्रयास विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता तथा प्रकृति एवं जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ। विभाग भविष्य में भी इसी प्रकार के व्यवहारिक एवं अनुसंधान-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, अनुभवात्मक एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान की जा सके।

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