Khulasa Online
TM Jewellers
Sanskar
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

कोर्ट ने इस मामले में 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई फांसी की सजा, जानें क्या है मामला

rk
3 months ago
कोर्ट ने इस मामले में 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई फांसी की सजा, जानें क्या है मामला

कोर्ट ने इस मामले में 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई फांसी की सजा, जानें क्या है मामला

चेन्नई। तमिलनाडु की मदुरै सेशन कोर्ट ने सोमवार को सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताया। कहा कि अत्यधिक बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का मामला है।

कोर्ट ने सभी दोषियों को मृतकों के परिजन को 1 करोड़ 40 लाख रुपए मुआवजा देने को कहा। यह मामला 2020 का है। छह साल तक सुनवाई चली। इस मामले में कुल 10 आरोपी थे। एक की कोविड के दौरान मौत हो गई।

दरअसल,19 जून 2020 को पुलिस ने मोबाइल कारोबारी पी. जयराज (59) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) को हिरासत में लिया था। आरोप था कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान दुकान खुली रखी थी। दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

वहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जहां कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों के साथ थाने में रातभर मारपीट की गई। उनके शरीर पर गंभीर चोट और खून बहने के निशान थे।

CBI जांच में हिरासत में पिटाई की पुष्टि हुई

मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य की CB-CID से लेकर CBI को सौंपी गई थी। एजेंसी ने एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।

जांच के दौरान एक महिला कांस्टेबल ने बयान दिया कि पिता-पुत्र को पूरी रात पीटा गया था। थाने में टेबल और लाठियों पर खून के निशान थे। यह गवाही मामले में अहम सबूत बनी।

फर्स्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जी. मुथुकुमारन ने CBI की दलील को माना कि हिरासत में दोनों को योजनाबद्ध तरह से टॉर्चर किया गया। इसलिए अधिकतम सजा दी गई। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि सथानकुलम थाने का CCTV फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया। रिकॉर्डिंग रोजाना अपने आप डिलीट हो जाती थी, जिससे महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिल पाए।

9 पुलिसकर्मियों में एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर

दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश और के. बालकृष्णन, हेड कॉन्स्टेबल एस. मुरुगन और ए. समदुरई है। साथ ही कॉन्स्टेबल एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस और एस. वेलुमुथु शामिल हैं। मामले में 10वें आरोपी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पॉलदुरई की ट्रायल के दौरान कोविड से मौत हो गई थी।

Basic School
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: