किसानों के लिए बड़ी खबर: अब घर बैठे होगी यूरिया-DAP की बुकिंग, 15 अगस्त से नई व्यवस्था लागू
किसानों के लिए बड़ी खबर: अब घर बैठे होगी यूरिया-DAP की बुकिंग, 15 अगस्त से नई व्यवस्था लागू
बीकानेर। राज्य में किसानों को अनुदानित उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए फ्रेमवर्क फोर फर्टिलाइजर सेल (FFS) की नई उर्वरक वितरण व्यवस्था 15 अगस्त से लागू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत किसान फार्मर आईडी या आधार कार्ड के जरिए FFS मोबाइल ऐप पर घर बैठे नजदीकी उर्वरक विक्रेता से यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी सहित अनुदानित उर्वरकों की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। इससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी। उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि FFS मोबाइल ऐप के माध्यम से किसान जिले के अलग-अलग उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध खाद की जानकारी भी देख सकेंगे। नई व्यवस्था में किसानों की फसल और भूमि के प्रकार के आधार पर वैज्ञानिक सिफारिश के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इससे उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और किसानों द्वारा जरूरत से ज्यादा खाद के इस्तेमाल पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
कृषि विभाग की ओर से जिले के सभी ब्लॉकों में उर्वरक विक्रेताओं को FFS व्यवस्था के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक मदन लाल की अध्यक्षता में संबंधित उर्वरक निरीक्षकों ने विक्रेताओं को नई व्यवस्था की जानकारी दी। ऑनलाइन खाद बुक करने के लिए किसान सबसे पहले मोबाइल के Google Play Store पर जाकर Framework for Fertilizer Sale (FFS) ऐप इंस्टॉल करें। ऐप खोलने के बाद अपना राज्य और जिला चुनें। इसके बाद आधार नंबर या Farmer ID के जरिए लॉगिन करें। आधार या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज कर पहचान सत्यापित करें।
लॉगिन के बाद डैशबोर्ड पर फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर जमीन की जानकारी दिखाई देगी। 'My Farm' या भूमि चयन विकल्प में जाकर उस गाटा संख्या या प्लॉट का चयन करना होगा, जिसके लिए खाद चाहिए। इसके बाद संबंधित फसल का चयन करना होगा। जमीन और फसल के आधार पर किसान को मिलने वाली यूरिया या अन्य उर्वरक की मात्रा स्क्रीन पर दिखाई देगी। आवश्यक मात्रा चुनकर 'Apply for Fertilizers' विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद नजदीकी सरकारी या निजी उर्वरक विक्रेता का चयन करना होगा।
आवेदन सबमिट करने के बाद किसान को डिजिटल टोकन या QR कोड मिलेगा। इसे सुरक्षित रखना होगा और निर्धारित समय में संबंधित दुकान पर दिखाकर उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा। जिले में उर्वरक विक्रेताओं और प्रगतिशील किसानों को नई व्यवस्था का प्रशिक्षण भी दिया गया है। खाजूवाला-छतरगढ़, लूणकरणसर, नोखा, पांचू, श्रीडूंगरगढ़ और बज्जू सहित सभी ब्लॉकों में कृषि अधिकारियों एवं सहायक निदेशकों की ओर से प्रशिक्षण आयोजित किए गए।
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