भजनलाल सरकार ने कैबीनेट बैठक में एक साथ 5 बड़े फैसलों पर लगाई मुहर, पढ़े खबर ...
भजनलाल सरकार ने कैबीनेट बैठक में एक साथ 5 बड़े फैसलों पर लगाई मुहर, पढ़े खबर ...
जयपुर। राजस्थान में 'सुशासन' के संकल्प को दोहराते हुए भजनलाल सरकार ने कैबिनेट बैठक में विकास और सामाजिक सुधारों का नया खाका पेश किया है। दो संतानों की चुनावी बंदिश को खत्म करने से लेकर अजमेर में नए आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना तक, सरकार ने हर वर्ग को साधने का प्रयास किया है।
पहला बड़ा फैसला : 28 साल पुरानी चुनावी बंदिश खत्म, अब 2 से ज्यादा संतान वाले भी बनेंगे 'जनप्रतिनिधि'
कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 और राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है।
तर्क: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि 1990 के दशक में जब यह नियम बना था, तब प्रजनन दर 3.6 थी, जो अब घटकर 2 रह गई है। ऐसे में इस प्रतिबंध का औचित्य कम हो गया है।
सामाजिक न्याय: कुष्ठ रोग को 'खतरनाक रोग' की श्रेणी से हटा दिया गया है, जिससे अब कुष्ठ रोगी भी चुनाव लड़ सकेंगे और सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में जुड़ सकेंगे।
दूसरा बड़ा फैसला : आर्थिक अपराधियों की अब खैर नहीं: 'राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय' का गठन
भ्रष्टाचार और ठगी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक एकीकृत निदेशालय बनाने का निर्णय लिया है।
दायरा: रियल एस्टेट धोखाधड़ी, फर्जी प्लेसमेंट एजेंसियां, मल्टी-लेवल मार्केटिंग ठगी, और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की जांच अब एक ही छत के नीचे होगी।
राजस्व निगरानी: यह निदेशालय वाणिज्यिक कर, आबकारी और खनिज जैसे विभागों से डेटा लेकर टैक्स चोरी और राजस्व लीकेज को रोकेगा।
तीसरा बड़ा फैसला : 'राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026': उद्योगों को 40 करोड़ तक का अनुदान
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिए नई नीति की घोषणा की है।
चार मॉडल: निजी क्षेत्र के लिए मॉडल A, B, C और D निर्धारित किए गए हैं।
कैपिटल सब्सिडी: 50 एकड़ से बड़े पार्क के लिए सरकार 20% पूंजीगत अनुदान देगी। 250 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर यह अनुदान 40 करोड़ रुपये तक होगा।
रोजगार: नीमकाथाना में स्टील पेलेट प्लांट के लिए 53 हेक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है, जिससे 500 करोड़ का निवेश और 565 प्रत्यक्ष नौकरियां आएंगी।
चौथा बड़ा फैसला : दि राजस्थान आयुर्वेद, योग एण्ड नेचुरोपैथी यूनिवर्सिटी, अजमेर विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन
प्रदेश में भारतीय चिकित्सा पद्धति की अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए दि राजस्थान आयुर्वेद, योग एण्ड नेचुरोपैथी यूनिवर्सिटी, अजमेर विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
इससे केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं राज्य सरकार की आयुष नीति के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकेगा। एक और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना से आयुर्वेद, योग व नेचुरोपैथी, यूनानी, होम्योपैथी आदि के क्षेत्र में शिक्षण, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, प्रदेश के आयुष क्षेत्र में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में केवल जोधपुर में ही आयुर्वेद विश्वविद्यालय संचालित है।
पांचवां बड़ा फैसला : अजमेर को 'आयुष' विश्वविद्यालय और ग्राम विकास अधिकारियों को 'प्रमोशन' की सौगात
अजमेर विवि: जोधपुर के बाद अब अजमेर में भी आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय खुलेगा। इससे मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी: VDO's की पुरानी मांग पूरी करते हुए 750 पदों को क्रमोन्नत कर 'वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी' का नया पद सृजित किया गया है। इससे उन्हें लेवल-6 से सीधे लेवल-10 (ग्रेड पे 3600) पर पदोन्नति मिलेगी।
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