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पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढऩे की चिंता के बीच सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

Bansal sadi
5 months ago
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढऩे की चिंता के बीच सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढऩे की चिंता के बीच सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की चिंता खत्म हो गई है। क्योंकि, होर्मुज रूट बंद होने के बाद सरकार ने कुल इम्पोर्ट का 10% कच्चा तेल नए रूट से मंगाना शुरू कर दिया है। सरकार ने ये फैसला सप्लाई प्रभावित होने के कारण लिया है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के पास तेल का पर्याप्त भंडार है और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, होर्मुज रूट बंद होने की वजह से बीते 8 दिन में इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम 27% तक बढ़ गए हैं।

सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। आज हम देश को फिर से यह भरोसा दिलाते हैं कि कीमतों में कोई इजाफा नहीं होगा।"

जरूरत का 70% कच्चा तेल अब दूसरे रास्तों से आएगा

ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया की 20% तेल सप्लाई होती है। वहीं, भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए भारत ने अपनी रणनीति बदल ली है और इस विवादित रास्ते पर निर्भरता कम कर दी है।

10% की बढ़ोतरी: भारत ने उन रास्तों से होने वाले कच्चे तेल के आयात में 10% की बढ़ोतरी की है, जो होर्मुज के दायरे में नहीं आते।

नया रूट: पहले भारत अपनी जरूरत का 60% कच्चा तेल होर्मुज के अलावा अन्य रास्तों से मंगाता था, जिसे अब बढ़ाकर 70% कर दिया गया है। इससे खाड़ी देशों में छिड़ी जंग का असर भारत की सप्लाई चेन पर कम पड़ेगा। बता दें कि भारत अपनी जरूरत का करीब 85-90% कच्चा तेल 40+ देशों से मंगाता है।

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