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आज रात आसमान में दिखेगा शानदार नजारा, होगी उल्कापिंडों की बारिश, जानें भारत में दिखने का सही समय

Bansal
7 hours ago
आज रात आसमान में दिखेगा शानदार नजारा, होगी उल्कापिंडों की बारिश, जानें भारत में दिखने का सही समय

आज रात आसमान में दिखेगा शानदार नजारा, होगी उल्कापिंडों की बारिश, जानें भारत में दिखने का सही समय

नई दिल्ली। अगर आपको रात के आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाएं देखने का शौक है, तो 8 अक्टूबर की रात खास हो सकती है। अक्टूबर में सक्रिय ड्रेकोनिड मेटियोर शॉवर का पीक 8 अक्टूबर की शाम से 9 अक्टूबर की सुबह तक रहने की उम्मीद है। यह उल्कावृष्टि इसलिए भी खास है क्योंकि इसे देखने के लिए आधी रात तक इंतजार करना जरूरी नहीं होता। 

नासा के अनुसार ड्रेकोनिड मेटियोर शॉवर 8 अक्टूबर की शाम से 9 अक्टूबर की सुबह तक अपने चरम पर रहेगा। यह उन उल्कावृष्टियों में शामिल है जिनकी गतिविधि रात के शुरुआती घंटों में भी देखी जा सकती है। 2026 में ड्रेकोनिड्स का सामान्य स्तर रहने का अनुमान है, इसलिए इसे किसी बड़ी 'उल्कापिंडों की बारिश' या उल्का तूफान के रूप में देखना सही नहीं होगा। 
अंतरराष्ट्रीय उल्का संगठन (IMO) के 2026 कैलेंडर के अनुसार ड्रेकोनिड्स 6 से 10 अक्टूबर तक सक्रिय रहेंगे और अधिकतम गतिविधि 9 अक्टूबर 01:00 UTC के आसपास रहने का अनुमान है। यह भारतीय समयानुसार करीब सुबह 6:30 बजे बैठता है। 

भारत में इसे देखने के लिए 8 अक्टूबर की शाम से रात के शुरुआती घंटों में आसमान पर नजर रखी जा सकती है। सुबह के समय भी गतिविधि जारी रह सकती है, लेकिन भारत से इसे देखने के लिए केवल पीक समय का इंतजार करना जरूरी नहीं है।
ड्रेकोनिड उल्काएं अपेक्षाकृत धीमी गति से दिखाई देती हैं, जिससे कुछ उल्काओं की चमकती लकीर आसमान में अन्य तेज उल्काओं की तुलना में अलग नजर आ सकती है। 

इस साल बहुत बड़ी संख्या में उल्काएं दिखाई देने की उम्मीद नहीं है। नासा के अनुसार ड्रेकोनिड एक अपेक्षाकृत कम गतिविधि वाली उल्कावृष्टि हो सकती है और अंधेरे स्थान से देखने पर कुछ उल्काएं प्रति घंटे नजर आ सकती हैं। वास्तविक संख्या मौसम, स्थान और आसमान की रोशनी पर निर्भर करेगी। 

उल्कावृष्टि देखने के लिए सबसे बेहतर स्थान वह होगा जहां स्ट्रीट लाइट और शहर की रोशनी कम हो। खुले आसमान वाले स्थान से पूरे आकाश पर नजर रखें। आंखों को अंधेरे में अभ्यस्त होने के लिए कुछ समय देने से हल्की उल्काओं को देखने की संभावना बढ़ सकती है। नासा भी अंधेरी जगह चुनने और आंखों को अंधेरे का अभ्यस्त होने देने की सलाह देता है। 

ड्रेकोनिड्स के बाद अक्टूबर में ओरियोनिड मेटियोर शॉवर भी सक्रिय रहेगा। नासा के अनुसार ओरियोनिड्स का पीक 21-22 अक्टूबर 2026 की रात रहेगा और अंधेरे आसमान में लगभग 10 से 20 उल्काएं प्रति घंटे देखी जा सकती हैं। 

नोट: इसे सामान्य भाषा में 'उल्कापिंडों की बारिश' कहा जाता है, लेकिन वास्तव में ये छोटे अंतरिक्षीय कण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर जलते हैं और हमें आसमान में चमकती लकीरों के रूप में दिखाई देते हैं।

BC

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