बीकानेर: कैंसर के 294 इंजेक्शन सिर्फ 16 मरीजों को लगाए; एक महिला के लगे इतने वॉयल
बीकानेर: कैंसर के 294 इंजेक्शन सिर्फ 16 मरीजों को लगाए; एक महिला के लगे इतने वॉयल
बीकानेर। कैंसर की महंगी और जीवनरक्षक दवा बोवेंसिया के दिल्ली के ब्लैक मार्केट में बिकने का पर्दाफाश होने के बाद राजस्थान के चिकित्सा महकमे में हड़कंप मचा है। आरएमएससीएल की उच्चस्तरीय टीम ने बीकानेर स्थित आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट में डेरा डाल दिया है। एसपी मेडिकल कॉलेज को आरएमएससीएल से बोवेंसिया (बैच नंबर AU052510) के कुल 600 वायल मिले थे। रिकॉर्ड के मुताबिक इनमें से 294 इंजेक्शन केवल 16 मरीजों को लगाए जाना दर्शाया गया है। कागजों में एक महिला मरीज को 60 इंजेक्शन चढ़ाए गए, जबकि अन्य मरीजों के नाम पर 4 से लेकर दर्जनों वायल दर्ज हैं। आरएमएससीएल की टीम इन आंकड़ों को लेकर आशंकित है और प्रत्येक मरीज के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। यह देखा जा रहा है कि वास्तव में मरीजों को रिकॉर्ड में बताए अनुसार इंजेक्शन लगे भी हैं या फर्जी एंट्री कर उन्हें ब्लैक मार्केट में बेच दिया गया। दरअसल, दिल्ली की क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल को ब्लैक मार्केट से आरएमएससीएल की ओर से बीकानेर सप्लाई किए गए इंजेक्शन बरामद हुए थे। इसे लेकर कैंसर अस्पताल में इंजेक्शनों की खपत के आंकड़ों पर संदेह गहरा गया है।
ट्यूमर बोर्ड ने तय किया है कि 3,000 रुपए से अधिक कीमत वाले हर इंजेक्शन के खाली वायल को तुरंत नष्ट किया जाएगा। बायो-मेडिकल वेस्ट फर्म से बाकायदा लिखित रसीद ली जाएगी। मेडिकल ऑन्कोलॉजी के एचओडी डॉ. सुरेंद्र बेनीवाल ने बताया कि खाली वायल डस्टबिन में डाले जाते हैं। इसके बाद बायो-मेडिकल वेस्ट कलेक्शन एजेंसी कचरा ले जाती है। ऐसे में खाली वायल उठा ले जाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अस्पताल का रिकॉर्ड बिल्कुल सही है।
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