Khulasa Online
Breaking
• बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ, मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, सामने आई चौंकाने वाली घटना • सांसद की कार पर ईंट-पत्थर से हमला, सांसद, उनका ड्राइवर घायल; 3 भाजपा कार्यकर्ता अरेस्ट • एसआई भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, रद्द होने पर चयनित उम्मीदवारों ने दी थी चुनौती, सरकार ने अभी तक अपील नहीं की • उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर : कल जारी होंगे नीट यूजी के लिए प्रवेश पत्र, इतने बजे से कर सकेंगे डाउनलोड • ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी का घटनाक्रम : कैसे सुरक्षा घेरा तोड़ घुसा संदिग्ध, फायरिंग के बाद कब-क्या हुआ? • बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ, मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, सामने आई चौंकाने वाली घटना • सांसद की कार पर ईंट-पत्थर से हमला, सांसद, उनका ड्राइवर घायल; 3 भाजपा कार्यकर्ता अरेस्ट • एसआई भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई, रद्द होने पर चयनित उम्मीदवारों ने दी थी चुनौती, सरकार ने अभी तक अपील नहीं की • उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर : कल जारी होंगे नीट यूजी के लिए प्रवेश पत्र, इतने बजे से कर सकेंगे डाउनलोड • ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी का घटनाक्रम : कैसे सुरक्षा घेरा तोड़ घुसा संदिग्ध, फायरिंग के बाद कब-क्या हुआ?
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

राजस्थान में कब बजेगा पंचायत चुनावों का बिगुल? जान लें ये लेटेस्ट अपडेट

rk
2 months ago
राजस्थान में कब बजेगा पंचायत चुनावों का बिगुल? जान लें ये लेटेस्ट अपडेट
राजस्थान में कब बजेगा पंचायत चुनावों का बिगुल? जान लें ये लेटेस्ट अपडेट
 
बीकानेर/राजस्थान। प्रदेश सहित बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव की घोषणा का इंतजार अब उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए असमंजस का कारण बनता जा रहा है। करीब एक माह से अधिक समय से संभावित प्रत्याशी चुनाव तिथियों की प्रतीक्षा में बैठे हैं। कभी तैयारियां तेज हो जाती हैं तो कभी घोषणा में देरी से उत्साह ठंडा पड़ जाता है। गांवों की चाय की थड़ियों से लेकर चौपालों तक चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है, जहां सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और अन्य प्रतिनिधि तारीखों को लेकर अटकलें लगा रहे हैं।
 
पंचायती राज चुनाव जनवरी 2025 में प्रस्तावित थे, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों, आरक्षण प्रक्रिया, परिसीमन और कानूनी अड़चनों के कारण इसमें लगातार विलंब होता गया। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा परिसीमन से जुड़ी एक याचिका खारिज किए जाने के बाद चुनाव का रास्ता साफ माना जा रहा है। हालांकि ओबीसी आरक्षण, वार्ड परिसीमन और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन जैसे मुद्दों पर चल रही प्रक्रिया के चलते अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हो पाई है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनावों के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार की प्राथमिकताओं ने भी इस प्रक्रिया को प्रभावित किया है।
 
ग्रामीण अंचलों में संभावित प्रत्याशियों के बीच असमंजस की स्थिति स्पष्ट नजर आ रही है। बीकानेर जिले के उपखंडों सहित आसपास के क्षेत्रों में आरक्षण लॉटरी का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, ताकि उम्मीदवार अपनी रणनीति तय कर सकें। गांवों की चाय की थड़ियों और चौपालों पर रोजाना बैठकें हो रही हैं, जहां सरपंच पद के दावेदार और पंचायत समिति सदस्य चुनाव तिथियों को लेकर चर्चा करते दिखाई देते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कभी लगता है चुनाव जल्द होंगे तो तैयारियां तेज कर दी जाती हैं, लेकिन तारीख आगे बढ़ने से माहौल फिर ठंडा पड़ जाता है। वर्तमान सरपंचों का कार्यकाल समाप्त होने और प्रशासकों की नियुक्ति के कारण ग्रामीण लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: