Khulasa Online
TM Jewellers
Shilpi
Breaking
• बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर!

बदल गया अब पुराना सिस्टम, इतनी निजी स्कूलों पर पड़ेगा असर, पढ़ें ये खबर

rk
2 months ago
बदल गया अब पुराना सिस्टम, इतनी निजी स्कूलों पर पड़ेगा असर, पढ़ें ये खबर

बदल गया अब पुराना सिस्टम, इतनी निजी स्कूलों पर पड़ेगा असर, पढ़ें ये खबर 
बीकानेर। आठवीं कक्षा तक मान्यता लेने के बाद केवल एनओसी के आधार पर निजी स्कूल अब सीबीएसई या अन्य बोर्ड से संबद्धता लेकर कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इस प्रावधान में बदलाव करते हुए आदेश जारी किया है कि आठवीं के बाद संचालित कक्षाओं के लिए स्कूलों को राज्य सरकार से मान्यता या क्रमोन्नति लेना अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश के अनुसार राजस्थान बोर्ड के अलावा सीबीएसई या अन्य बोर्ड से संचालित निजी स्कूलों को भी संचालित कक्षा स्तर के अनुसार मान्यता या क्रमोन्नति प्राप्त करनी होगी। यदि किसी स्कूल ने ऐसा नहीं किया तो विभाग द्वारा पहले से जारी एनओसी वापस ले ली जाएगी। यह आदेश पहले से संचालित निजी स्कूलों पर भी लागू होगा। ऐसे में अगले सत्र से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित करने के लिए स्कूलों को राज्य सरकार से क्रमोन्नति आदेश लेना अनिवार्य होगा। इस निर्णय से प्रदेश के करीब एक हजार निजी स्कूल प्रभावित होंगे।

 
शिक्षा विभाग 8वीं तक स्कूलों को मान्यता देता था। इसके बाद सीबीएसई या अन्य बोर्ड से संबद्धता लेने वाले स्कूलों को विभाग उस बोर्ड के लिए एनओसी जारी करता था। बोर्ड से संबद्धता मिलने के बाद स्कूल 9वीं से 12वीं तक कक्षाएं संचालित कर लेते थे। निजी स्कूल संचालकों ने इस आदेश का विरोध किया है। उनका कहना है कि विभाग का यह आदेश राजस्थान गैर-सरकारी शिक्षा संस्थान अधिनियम, 1989 का खुला उल्लंघन है। संचालकों का कहना है कि इस अधिनियम या इसके नियमों में एनओसी जारी करने और वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अब आठवीं के बाद सीबीएसई या अन्य बोर्ड से संचालित स्कूलों को भी राज्य सरकार से कक्षा स्तर के अनुसार मान्यता या क्रमोन्नति लेना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर विभाग द्वारा जारी एनओसी वापस ले ली जाएगी।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: